संस्कृत विषय में विभिन्न रोजगार: डॉ अखिलेश कुमार मिश्र जी* संस्कृत ,पालि एवं प्राकृत विभाग रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर (मध्यप्रदेश)
वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए *संस्कृत विषय* अत्यन्त उपयोगी एवं लाभदायक विषय है।
हालही में मध्यप्रदेश सरकार ने LKG से लेकर बारहवीं कक्षा तक अधिकांश विद्यालयों में संस्कृत विषय को अनिवार्य कर दिया है, जिससे संस्कृत टीचर्स की मांग अधिक होगयी है। ऐसे काल मे संस्कृत विषय के अध्ययन में अल्प प्रयास से रोजगार के अनेक अवसर है। जैसे :-
1 संस्कृत से एम.ए. के उपरान्त प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूलों में 15,000/- से 50,000/- तक कि सैलरी के साथ *Teaching (अध्यापन)* का अवसर।
2 *एम.ए. संस्कृत + बी एड* के उपरान्त शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में 30,000/- से 60,000/- तक कि सैलरी के साथ *Teacher (शिक्षक)* का अवसर।
3 *एम.ए. संस्कृत + नेट संस्कृत* के उपरान्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में PSC के तहत 15,000/- से 70,000/- तक कि सैलरी के साथ *Assistant professor (सहायक प्राध्यापक)* का अवसर।
4 *एम.ए. संस्कृत + नेट संस्कृत या पीएचडी* के उपरान्त विश्वविद्यालयों में 50,000/- से 80,000/- तक कि सैलरी के साथ *असिस्टेंट प्रोफेसर(सहायक प्राध्यापक)* का अवसर।
5 *एम.ए. संस्कृत + कर्मकाण्ड डिप्लोमा* के उपरान्त भारतीय सेना में 56,100 से 1,77,500 तक की सैलरी के साथ *Junior Commissioned Officers (Religious Teacher धर्म गुरु*) का अवसर।
6 *बी.ए.* या *एम.ए. संस्कृत* के उपरान्त 56,100 से 2.5 लाख तक मासिक सैलरी के साथ *Indian Administration Services (IAS)* और *"Provincial Civil Services (IPS)* का अवसर।
7. *UG, & PG संस्कृत* के साथ संस्कृत भाषा में दक्षता होने पर 28000/- से 2,88 लाख तक कि सैलरी के साथ *टेलीविजन एंकर* का अवसर।
8. संस्कृत भाषा में दक्षता होने पर 30,000/- से 1 लाख तक कि सैलरी के साथ *अनुवादक* का अवसर।
9. *संस्कृत + कर्मकाण्ड* का सम्यक् ज्ञान होने पर *पौरोहित्य कर्म* का अवसर।
10. *संस्कृत + ज्योतिष* का सम्यक् ज्ञान होने पर *Astrologer (ज्योतिषी)* का अवसर
11. *एम.ए. संस्कृत के उपरान्त* नेट जेआरएफ की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पीएचडी में प्रवेश के साथ *35000/- प्रतिमाह छात्रवृति* का अवसर।
भारतीय ज्ञान परम्परा को जानने के लिए संस्कृत के अतिरिक्त अन्य मार्ग नही है, तथा विदेशों में संस्कृत के अनेक अवसर है।
*अतः संस्कृत पढ़े और सम्मान के साथ रोजगार करें।*
* डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र जी*
संस्कृत ,पालि एवं प्राकृत विभाग रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर (मध्यप्रदेश)
🙏🙏 *जयतु संस्कृतम्, पठतु संस्कृतम्, वदतु संस्कृतम्।* 🙏🙏
श्री अखिलेश कुमार मिश्र जी*🏵️
संस्कृत ,पालि एवं प्राकृत विभाग रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर (मध्यप्रदेश)
*एम.ए. संस्कृत + कर्मकाण्ड डिप्लोमा के उपरान्त भारतीय सेना में 56,100 से 1,77,500 तक की सैलरी-*
*डॉ.अखिलेश कुमार मिश्र जी*
संस्कृत ,पालि एवं प्राकृत विभाग रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर (मध्यप्रदेश)
कोरोनाफाइटर टीम लोरमी के द्वारा समस्त शिक्षक एवं संकुल समन्वयक सेमरसल के विशेष सहयोग से ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के 46 वे सप्ताह का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के स्पांसर के रूप मे राम कुमार साहू शैक्षिक समन्वयक सेमरसल के द्वारा प्रथम , द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमश: 500 रु ,300रु एवं 200रु की राशि पुरस्कार स्वरुप बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षिका संध्या भगत के सरस्वती वंदना के साथ हुई कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में *प्रो. रमाकान्त पाण्डेय जी,*
आचार्य, साहित्य विभाग
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय
जयपुर -परिसर
जयपुर(राजस्थान) ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से बच्चे मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार होते हैं आगे उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने भारतीय संस्कृति को पूरे विश्व में स्थापित किया है संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति संस्कृत नहीं सीखा वह भारत को नहीं जाना इसलिए उन्होंने संस्कृत भाषा को अपनाने की बात कही इसी तरह
*डॉक्टर तुलसीदास परौहा जी,*
एसोसिएट प्रोफेसर तथा विभागाध्यक्ष महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन(मध्यप्रदेश), जी ने रमाकांत पांडे जी की बातों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि समय तो सबको व्यतीत करना है लेकिन वह समय अगर इस तरह के कार्यक्रम के माध्यम से व्यतीत किया जाए तो बच्चों के लिए काफी सार्थक होगा उन्हें भविष्य में सफलता मिलेगी उन्होंने आगे कहा भारत को जानना चाहते हैं तो आप महाभारत को पढ़िए संस्कृत भाषा श्रेष्ठ व्यक्ति के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है उन्होंने कहा आधुनिक शिक्षा रोजगार तो प्रदान कर सकता है लेकिन संस्कृत शिक्षा रोजगार के साथ-साथ श्रेष्ठ नागरिक का भी निर्माण करता है *श्री अखिलेश कुमार मिश्र ,*
संस्कृत ,पालि एवं प्राकृत विभाग रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर (मध्यप्रदेश), जी ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों का एक-एक क्षण उपयोगी होता है और आज बच्चे ऑनलाइन प्रतियोगिताओं के माध्यम से हर क्षण का उपयोग कर रहे हैं यह उनको उनके भविष्य के निर्माण में सहायक होगा संस्कृत भाषा को रटने के बजाय सरल एवं सहज ढंग से खेल खेल में सीखना चाहिए
*डॉक्टर राम बाबू मिश्रा जी* ने
विभिन्न तकनीको के माध्यम से अलग अलग विषयों पर ऑनलाइन कार्यक्रम संचालित करने के लिए विकास खंड लोरमी की सराहना की। कार्यक्रम को शालिनी तिवारी एपीओ लोहंडीगुड़ा एवं श्री विनय मोहन भट्ट एम आई एस कोरिया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया एवं बच्चों को अपने समय का सार्थक सदुपयोग की बात कही । राम कुमारी देवांगन कोरबा ने कोरोना के ऊपर शानदार गीत " कोरो ना से हमको लड़ना है" प्रस्तुत की साथ ही कौशल्या खुराना ने गीत एवं कविता के माध्यम से कोरोना के बचाव के ऊपर अपनी बात रखी जिसकी सराहना सभी उपस्थित अतिथियों ने किया प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से लगभग 100 प्रतिभागियों ने अपने ज्ञान का उपयोग menti.com के माध्यम से किया जिसमें से प्रथम 10 स्थान पर आने पर आने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों के नाम इस प्रकार है वैभव कुमार देवांगन (प्रथम स्थान) , सीवी राज (द्वितीय परमानंद साहू स्थान), मोनिका, कोमल जायसवाल जिसटी, यश शर्मा ,निरुपमा जायसवाल इनमेन्द्रो, साव और रयान राजपूत। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका अन्नपूर्णा सिंह परिहार के द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन रामकुमार साहू सीएसी सेमरसल ने किया । कार्यक्रम के संरक्षक बीइओ श्री डी एस राजपुत बी ई ओ लोरमी एवं पढ़ाई तुंहर द्वार नोडल अधिकारी एवं कार्यक्रम के संयोजक श्री प्रकाश तिवारी ए बी ई ओ लोरमी शामिल हुए ।कार्यक्रम का आयोजन पढ़ई तुंहर दुआर कोर कमिटी लोरमी के द्वारा किया गया।

अतिव शोभनम्💐🙏
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