Tuesday, September 14, 2021

अध्याय 03 अंग्रेजी शासन का भारतीय पर प्रभाव(8 वी इतिहास)

 अध्याय 3

अंग्रेजी शासन का भारतीय जनजीवन पर प्रभाव














































★ 1617 से संतान इशिता ईस्ट इंडिया कंपनी का उद्देश्य व्यापार करना था
★ उस समय भूमि कर ही अंग्रेजों का आय का मुख्य स्रोत था
★ अंग्रेजों ने जमीदारी रैयतवाड़ी व महालवाड़ी बंदोबस्त प्रथाएं लागू की थी
★ बंदोबस्त में स्थान ठेकेदारी की स्थान पर 5 वर्ष तक लागू की गई
★ अंग्रेज सरकार ने सन 1789 में बंगाल कौन से राजस्व वसूल करने के लिए जमीदारों के साथ समझौता किया जिसे स्थाई बंदोबस्त कहा जाता है
★ बंदोबस्त कानून लार्ड कार्नवालिस वाले से लागू किया था
★ सर 28 तारीख 30 तारीख को लागू महालवाड़ी व्यवस्था के अनुसार पूरे गांव को महल कहा जाता था जिसे कर जमा करने की जिम्मेदारी सामूहिक थी
★ महालवाड़ी व्यवस्था पंजाब मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में लागू किया गया था
★ छत्तीसगढ़ को अनेक पर गणों में बैठकर कमाविस दारों की नियुक्ति की गई
★ सन1853 में भारत में टेलीग्राम सुविधा प्रारंभ हुई एवं डाक व्यवस्था में सुधार करें ★ सर 2813 में मैकाले की सलाह पर पहली शिक्षा नीति लागू हुई
★ सन 18 64 में रायपुर में मृत स्कूल खोला गया था वर्तमान में इसे जय नारायण पांडे शासकीय बहुउद्देशीय महाविद्यालय कहां जाता है
★ सन 1882 में राजकुमार कॉलेज और सन 1938 में छत्तीसगढ़ महाविद्यालय की स्थापना की गई थी
★ सन 1787 में वायसराय लिटन ने वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट पारित किया
★'प्रजा हितैसी' पहला शासकीय समाचार पत्र था।


प्रश्न 1 खाली स्थान भरो
1. किसी भी शासन के लिए ......आमदनी का प्रमुख स्रोत था।
2. स्थाई बंदोबस्त व्यवस्था ........ने लागू किया था।
3. रैयतवाड़ी व्यवस्था ..…..की राजस्व नीति तिथि था।
4. अंग्रेजों ने पंजाब मध्यप्रांत में......... भू राजस्व व्यवस्था लागू की।
5. छत्तीसगढ़ के गांव में लगान वसूली हेतु पद ..........सूचित किया गया था।
उत्तर 1-भू राजस्व 2- कार्नवालिस 3- कार्नवालिस 4.महलवाड़ी व्यवस्था 5- गोटिया


प्रश्न 2 उचित संबंध जोड़िए-
1 भारत का मैनचेस्टर - (क)कोलकाता
2 वस्त्र उद्योग- (ख)मछलीपट्टनम
3 जहाज निर्माण -(ग)सूरत
4 फोर्ट विलियम कॉलेज -(घ)ढाका
उत्तर- 1 घ , 2 ग, 3 ख ,4 क

प्रश्न (1) 1793 में कार्नवालिस ने कौन सी नई  भूमि व्यवस्था लागू की ?
उत्तर - सन 1793 में अंग्रेजो  ने बंगाल प्रांत से राजस्व वसूलने के लिए नई भूमि व्यवस्था लागू की जिसे स्थाई बंदोबस्त के नाम से जाना जाता है इसके सूत्रधार लार्ड कार्नवालिस थे । कार्नवालिस ने फैसला किया कि भू राजस्व की वसूली जमींदारों के हाथ हो। यदि कोई जमींदार राजस्व वसूलने में सक्षम ना हो तो दे पाते मुक्त कर नए जमींदार की नियुक्ति कर दी जाए बार-बार राजस्व निर्धारण से मुक्ति पाने के लिए कार्नवालिस ने 1789- 90 में  देय भू राजस्व के आधार पर जमींदारों को अगले 10 सालों के लिए जमीन का मालिकाना हक दे दिया ।अब वह जमीन की खरीदी - बिक्री और लगान नहीं पटाने पर किसानों को बेदखल भी कर सकते थे। इस कानून की सबसे बड़ी कमी यह थी कि इसमें लगान को कृषि के विकास और उत्पादन में वृद्धि या घटने को अनदेखा कर दिया गया था इससे जमींदारों को तो फायदा हुआ पर सरकार और किसानों को इससे अधिक लाभ ना हो सका।

प्रश्न 2) अंग्रेजी शासन के समय भारत में संचार और परिवहन के साधन में क्या-क्या परिवर्तन आए ?
उत्तर) अंग्रेजी शासन के समय भारत में संचार और परिवहन के क्षेत्र में कई नए अध्याय जुड़े ।अंग्रेजों के लिए संपूर्ण भारत में अपने व्यापार के विस्तार व उसके कुशल संचालन के लिए विस्तृत परिवहन व्यवस्था की आवश्यकता थी इसलिए उन्होंने पूरे भारत में सड़क व रेल सेवाओं का विस्तार आरंभ किया ।भारत में रेल सेवा की शुरुआत एक क्रांतिकारी परिवर्तन था डलहौजी के प्रयासों से सन 1853 में भारत में पहली रेलगाड़ी मुंबई मुंबई में थाने के बीच चली थी भारत में प्रमुख महानगरों व व्यापारियों नगरों  को बंदरगाहों से  जोडा गया। परिवहन और संचार के साधनों में हुए विकास के कारण लोग निकट आने लगे सन 1853 में भारत में टेलीग्राम सुविधा प्रारंभ हुई और डाक व्यवस्था में भी सुधार किया गया।

प्रश्न 3 अंग्रेजों की नई शिक्षा व्यवस्था का भारत पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर भारत में शिक्षा के विकास के लिए सन 1813 में मैकाले की सलाह पर नई शिक्षा नीति लागू की गई इसमें मुख्य रूप से शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी को बनाना तथा भारतीय मानसिकता को शासन के पक्ष में करना था किंतु नई शिक्षा नीति का भारतीय
समाज पर गहरा प्रभाव पड़ा जो निम्न है-
(1) शिक्षा के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी।
(2) भारतीय ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में नए विचारों का जन्म हुआ।
(3) लोग अंग्रेजी साहित्य व देश दुनिया की घटनाओं से परिचित होने लगे।
(4) राष्ट्रीयता की भावना प्रबल हुई
5 बेरोजगारी दूर होने लगी।
(6) समाज में व्याप्त अंधविश्वास रूढ़ियों के विरोध में कई सामाजिक आंदोलन और सुधार कार्य हुए।
(7) स्वतंत्रता समानता और लोकतांत्रिक विचारों का जन्म हुआ।

प्रश्न(4) भारत के प्राचीन उद्योग धंधे क्यों बंद हो गए?
उत्तर) भारत के प्राचीन उद्योग धंधे के बंद होने के कारण निम्न है-
(1) कच्चे माल की कमी- अंग्रेज व्यापारी अत्यधिक मात्रा में भारत से कच्चे माल खरीदकर इंग्लैंड ले जाते थे और तब भारतीय उद्योगों के लिए कच्चे माल की समस्या उत्पन्न हो जाती थी।
(2) पूंजी की कमी- भारतीय उद्योगपतियों के पास धन की कमी थी अंग्रेज आर्थिक रूप से अधिक सक्षम थे।
(3) अंग्रेजों से प्रतिस्पर्धा- अंग्रेजों द्वारा तैयार माल सस्ते व आकर्षक होते थे अतः भारतीय उद्योगपति उन से प्रतिस्पर्धा करने में विफल रहे।
(4) तकनीकी अभाव- इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप तकनीकी ज्ञान का भंडार था जबकि भारतीय उद्योग परंपरागत ढंग से उत्पादन करते थे जिसमें लागत अधिक पडता था।
(5) उचित प्रबंधन- परिवहन की समुचित व्यवस्था ना होना जैसी समस्या भी प्राचीन भारतीय उद्योगों की थी।

प्रश्न(5) भारतीय किसानों की दशा क्यों दयनीय हो गई थी?
उत्तर भारतीय किसानों पर अंग्रेजों द्वारा थोपा गया राजस्व कर बहुत भारी और अनिवार्य था अंग्रेजों के कारिंदे अन्याय पूर्वक किसानों से कर वसूल करते थे यहां तक कि अकाल जैसी भी सर परिस्थिति में भी किसानों को कर्ज चुकाना ही पड़ता था इसके लिए वह साहूकारों और जमींदारों से ब्याज पर पैसा लेते थे नियत तिथि तक कर्ज चुकता नहीं करने पर उनकी जमीन साहूकारों द्वारा हड़प ली जाती थी परिणाम स्वरूप भारतीय किसानों की आर्थिक दशा अति दयनीय हो गई।

प्रश्न(6) भारतीय दस्तकारी एवं शिल्प कलाओं के नाम लिखिए।
उत्तर-कपड़े बुनने,जूते बनाना, मिट्टी के बर्तन बनाना,लोहे से औजार बनाना, बांस  से विभिन्न वस्तुएं बनाना,  दोना,पत्तल, मिट्टी, लोहे और लकड़ियों पर विभिन्न प्रकार की आकृति बनाना, भवन व मंदिरों में विभिन्न आकृति बनाना,आदि प्रमुख दस्तकारी व शिल्प कला है।

प्रश्न(7) भारत में प्रकाशित होने वाले कोई चार समाचार पत्रों के नाम लिखिए।
उत्तर) भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों के नाम

(1) द हिंदू (2) अमृत बाजार पत्रिका (3) द इंडियन मिरर (4) इंदु।

प्रश्न 8) छत्तीसगढ़ से प्रकाशित होने वाले कोई चार समाचार पत्रों के नाम लिखिए।
(1) छत्तीसगढ़ मित्र  (2) प्रजा हितैषी (3) महाकौशल (4) आजकल।

प्रश्न(9) ब्रिटिश भारत के दो प्रमुख बंदरगाहों के नाम लिखिए।
उत्तर) ब्रिटिश भारत के दो प्रमुख बंदरगाहों के नाम है-
(1) मद्रास बंदरगाह (2) कोलकाता बंदरगाह।

प्रश्न(10) अंग्रेजों की स्थाई बंदोबस्त नीति को समझाइए।
उत्तर) छत्तीसगढ़ में प्रचलित राजस्व व्यवस्था के दोषों को दूर करने तथा मितव्यई बनाने का प्रयास किया गया।

प्रश्न(11) ब्रिटिश कालीन छत्तीसगढ़ में भू राजस्व व्यवस्था को समझाइए।
उत्तर) छत्तीसगढ़ में प्रचलित राजस्व व्यवस्था के दोषों को दूर करने तथा वित्त व भाई बनाने का प्रयास किया गया संपूर्ण छत्तीसगढ़ को कई प्रांतों में बांटा गया और काम आविष्कारों की नियुक्तियां की गई हर परगना मैं राजस्व वसूल करने के लिए अमीर पांडेय और राजस्व अधिकारियों की नियुक्ति हुई अंग्रेज अधिकारियों ने मराठा काल में प्रचलित पटेल पथ को समाप्त कर दिया और उसके स्थान पर घटिया पद बनाया उस समय गांव की आवाज में तीन किस्तों में लगान वसूल किया करते थे लगान का निर्धारण किसान के कुल जमीन के आधार पर किया जाता था गोटिया अपने गांव से लगान वसूली कर सरकारी खजाने जमा करता था।

प्रश्न(12) अंग्रेजों की नीति का भारतीय दस्तकारी एवं शिल्पकला पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर) अंग्रेजों की कुटिल नीति के कारण भारतीय दस्तकारी और शिल्पकला पूरी तरह चौपट होने लगी अंग्रेजों ने इंग्लैंड से आने वाली वस्तुओं को काटकर और चुंगी कर से पूर्णता मुक्त कर दिया जिसके फलस्वरूप वस्तुएं बहुत सस्ती हो गई भारती दस्तकारों व शिल्पीओ द्वारा बनाई गई वस्तु महंगी होती थी क्योंकि वह वस्तुओं का निर्माण कम तादाद और हाथों से बनाते थे आता उसका लागत मूल्य बढ़ जाता था इसके बावजूद उन्हें अपनी वस्तु सस्ती बेचने पढ़ती थी इस प्रकार अंग्रेजों के सामने प्रतिस्पर्धा में ज्यादा समय तक टिक ना सके और अपना व्यवसाय धीरे-धीरे करने लगे इसके कारण उनकी बस्तियां गुजरने लगी ढाका जिसे उस समय वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र होने के कारण मैनचेस्टर कहा जाता था ना तो हो गया मुर्शिदाबाद और सूरत के उद्योग भी बंद हो गए कारीगर बेरोजगार हो गए इस प्रकार कहा जा सकता है कि अंग्रेजों का स्वार्थी नीति ने भारतीय दस्तकारी व शिल्पकला की कमर तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

प्रश्न(13) ब्रिटिश कंपनी की नीतियों का भारतीय वन क्षेत्रों पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर) ब्रिटिश कंपनी ने भारत में विद्यमान प्राकृतिक संसाधनों को अत्यधिक नुकसान पहुंचाया वन क्षेत्रों में कई नई मिलो व कारखानों की स्थापना की गई भारतीय वनों में उपलब्ध कीमती व महत्वपूर्ण लकड़ियों की अंधाधुंध कटाई की गई उसे भारत से इंग्लैंड भेजा जाने लगा लकड़ियों का उपयोग अविवेकपूर्ण किया जाने लगा धीरे-धीरे वन क्षेत्र कम होने लगे अंग्रेजों ने भारतीय संसाधनों का निर्मलता पूर्वक दोहन किया उनका उद्देश्य अधिकाधिक लाभ कमाना था।

प्रश्न(14) ब्रिटिश शासन का भारतीय संचार एवं परिवहन व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर)यह सत्य है कि अंग्रेजों ने अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए संचार व परिवहन व्यवस्था का विस्तार किया लेकिन इससे भारत में नए अध्याय का प्रारंभ हुआ सभी बड़े महानगरों व औद्योगिक नगरों को सड़क मार्ग द्वारा बंदरगाहों से जोड़ा गया भारत में रेल सेवा का शुभारंभ भी किया गया मुंबई से थाने के बीच पहली बार रेल चली सन 1853 में भारत में टेलीग्राम सुविधाओं का श्रीगणेश हुआ डाक सेवा में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किया गया समाचार पत्रों ने भी शासन की नीतियों को समझने व एकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

प्रश्न(15) समाचार पत्र जनता की अपेक्षाओं को शासन तक किस तरह पहुंचाते है?
उत्तर) समाचार पत्रों ने जनता की अपेक्षाओं का शासन तक पहुंचाने का भरसक प्रयत्न किया शासन की कुटिल नीतियों को लोगों तक पहुंचाने व जनमत तैयार करने में समाचार पत्रों की भूमिका महत्वपूर्ण थी समाचार पत्रों को लोकवाणी को मुखरित करने के कारण तात्कालिक वयसराय ने वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट पारित कर समाचार पत्रों को नियंत्रित कर दिया इस समय देश में द हिंदू,    द इंडियन मिरर,अमृत बाजार पत्रिका,केसरी मराठा,स्वदेश मिलन, प्रभाकर आदि समाचार पत्र प्रकाशित हो रहे थे।

प्रश्न(16) संचार और परिवहन के साधनों का विकास होने से लोगों में राष्ट्रीयता की भावना का विकास हुआ इस बात के समर्थन में अपने तर्क दीजिए।
उत्तर) वर्तमान युग संचार क्रांति का युग है इस युग में सर्वत्र मीडिया संचार के साधनों का बोलबाला है यदि मीडिया चाहे तो हवा का रुख बदल दे राष्ट्रीय भावना के विकास में मीडिया की भूमिका सर्वोपरि है इसके लिए मीडिया को उपभोक्तावाद को भूलकर राष्ट्रवाद की भावना से ओत-प्रोत होना पड़ेगा उनके द्वारा ऐसे समाचारों का प्रकाशन व प्रसारण किया जाना चाहिए जो राष्ट्रीयता की भावना को बढ़ाएं वह मजबूत करें सभी संप्रदायों के मध्य परस्पर बंधुत्व की भावना जागे समाचार के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण हो केवल सनसनीखेज बनाने के लिए घटनाओं को मिर्चा मसाला लगाकर ना परोसे वरना देश प्रेम की चटनी में उसे डुबोए मीडिया के द्वारा देश सेवा कर रहे व देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वालों का साक्षात्कार प्रसारित किया जाना चाहिए ऐसी फिल्में धारावाहिकों वृत्तचित्रो वह गीतों का प्रसारण हो जिससे राष्ट्रीयता की भावना जागृत हो दूरदर्शन द्वारा प्रसारित हम पंछी एक डाल के 14 फिर भी दिल है हिंदुस्तानी आदि इस दिशा में महत्वपूर्ण अपने आप किए जा सकते हैं।

प्रश्न(17) राजा राममोहन राय जैसे समाज सुधारक को ने अंग्रेजी की नई शिक्षा व्यवस्था का समर्थन क्यों किया? इसके उत्तर में अपना तर्क दीजिए।
उत्तर) ब्रिटिश शासकों ने भारत में शिक्षा के विकास के लिए 1833 के चार्टर एक्ट के आधार पर 1835 में मैकाले की शिक्षा नीति लागू की इसमें मुख्य रूप से अंग्रेजी पढ़ाना और उनकी मानसिकता को शासन के पक्ष में करना था राजा राममोहन राय जैसे समाज सुधारक ने शिक्षा के समर्थक थे उनका मानना था कि नहीं शिक्षा के फल स्वरुप भारतीय ज्ञान-विज्ञान स्वतंत्रता समानता और जनतंत्र तथा राष्ट्रीय आंदोलनों को मदद मिलेगी।

प्रश्न(18) ब्रिटिश युग में प्रेस का विकास समझाइए।
उत्तर) ब्रिटिश युग में प्रेस का विकास- ब्रिटिश भारत में स्वतंत्रता विषय सूचनाओं और सरकार की विफलताओं को उजागर करने के लिए समाचार पत्रों का विकास तीव्र गति से हो रहा था उस समय हमारे देश में अंग्रेजी बंगला हिंदी आदि कई भाषाओं में समाचार पत्रों का प्रकाशन आरंभ हो गया था लगभग सभी समाचार पत्र सरकार की गलत नीतियों व कमियों को जनता के सामने लाने में लगे हुए थे ब्रिटिश सरकार समाचार पत्रों में छपने वाली खबरों और उसकी स्वतंत्रता को सीमित करने की योजना बनाने लगी सन 1887 में भारत में तत्कालीन वायसराय लिटन ने वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट पारित करवाकर समाचार पत्रों के अधिकार को सीमित कर दिया अन्य समाचार अपने से पहले सरकारी मंजूरी आवश्यक कर दी गई तथा सरकार विरोधी समाचारों के प्रकाशन पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान किया गया इस समय के प्रसिद्ध समाचार पत्र द हिंदू द इंडियन मिरर अमृत बाजार पत्रिका केसरी मराठा स्वदेश मिलन प्रभाकर और इंदु प्रकाशन आदि थे राष्ट्रीय चेतना जागृत करने में समाचार पत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

प्रश्न(4) टिप्पणी लिखिए- (अ)-रैयतवाड़ी (ब)छत्तीसगढ़ में भू राजस्व व्यवस्था
(स)महलवाड़ी व्यवस्था।
(अ) रैयतवाड़ी- रयत का आशा किसान हैं इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य लगान के विषय में किसानों में सीधा समझौता करना था यह तय किया गया कि कृषि कार्य में आए खर्च को निकालकर जो देश बचेगा उसका 50 प्रतिशत भू राजस्व होगा इस व्यवस्था में फसल और उसके मूल्य के घटने बढ़ने से राजस्व का कोई संबंध न था प्रारंभिक चरण में इसे मुंबई व मद्रास राज्य में 30 साल के लिए लागू किया गया था लेकिन किसानों से समझौते के बाद भी उनका शोषण कम ना हुआ।

(ब) छत्तीसगढ़ में भू राजस्व व्यवस्था-  छत्तीसगढ़ में प्रचलित राजस्व व्यवस्था के दोषों को दूर करने तथा मितव्यई बनाने का प्रयास किया गया संपूर्ण छत्तीसगढ़ को कई परगनों में बाटा गया और कमाविसदारो की नियुक्तियां की गई हर परगना मे राजस्व वसूल करने के लिए अमीर पण्डया  और राजस्व अधिकारियों की नियुक्ति हुई अंग्रेज अधिकारियों ने मराठा काल में प्रचलित पटेल पथ को समाप्त कर दिया और उसके स्थान पर घटिया पद बनाया उस समय गांव की आवाज में तीन किस्तों में लगान वसूल किया करते थे लगान का निर्धारण किसान के कुल जमीन के आधार पर किया जाता था गोटिया अपने गांव से लगान वसूली कर सरकारी खजाने जमा करता था।

(स) महालवाड़ी व्यवस्था इस व्यवस्था में महल का आशय पूरे गांव से है सन 1833 से 43 के बीच अंग्रेजों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक नई लगा नीति लागू की जिसमें पूरे गांव से लगा लो सुनने की व्यवस्था की गई थी इस व्यवस्था को महालवाड़ी व्यवस्था के नाम से जाना जाता है इस व्यवस्था के तहत लगान जमा करने की जिम्मेदारी संयुक्त रूप से पूरे गांव की थी इसमें रैयत बंदोबस्त की तरह कृषि खर्चा और किसानों के भरण-पोषण का खर्च निकालकर जो बचता था उसका लगभग 50% हिस्सा लगान के रूप में वसूल किया जाता था बाद में इस व्यवस्था को पंजाब मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में भी लागू किया गया था।

सही विकल्प के महत्वपूर्ण प्रश्न

1-हल्बा विद्रोह किस सन् में प्रारंभ हुआ?
अ. 1859 
ब. 1867
स. 1910 
द.  1774
उत्तर-द

2-परालकोट विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?
अ. गेंदसिंह   
ब. गोपीनाथ
स. वारेन हेस्टिंग 
द. कोई नहीं
उत्तर-अ

3- भूमकाल विद्रोह कब हुआ?
अ. 1910  
ब. 1932
स. 1814  
द.1822
उत्तर-अ

4-छत्तीसगढ़ महाविद्यालय की स्थापना कब हुआ?
अ. 1938   
ब. 1925
स. 1814   
द. 1955
उत्तर-अ

5-किस विद्रोह का नेतृत्व गेंद सिंह ने किया था?
अ. परालकोट विद्रोह
ब. तारापुर विद्रोह
स. रायपुर विद्रोह
द. भूमकाल विद्रोह
उत्तर-अ

6- फोर्ट विलियम काॅलेज कहां है?
अ. दिल्ली में  
ब. कलकत्ता में  
स. मुंबई में
द. बिलासपुर में
उत्तर- ब

7-किस सन् में जेल से छूटने  के बाद बिरसा समर्थन गाॅव-गाॅव घूमने लगे?
अ. 1897  
ब. 1997
स.1860 
द. इनमें से कोई नहीं
उत्तर-अ

8-किस सन् में राजकुमार काॅलेज प्रारंभ हुआ?
अ.1882
ब.1884
स.1831
द.1801
उत्तर-अ

9-छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता का जनक किसे कहते हैं?
अ.पं. सुंदरलाल शर्मा
ब.माधवराव सप्रे 
स.मनमोहन सिंह
द.गेंदसिंह
उत्तर-ब.

10- छत्तीसगढ़ का प्रथम समाचार पत्र कहां से प्रकाषित हुआ?
अ. कर्नाटक से   
ब. मुम्बई से 
स. पेण्ड्रा से   
द. बिहार से
उत्तर-स

11-कितने वर्षो के बाद हाई स्कूल बना?
अ. 30  
ब. 40 
स.50
द.20
उत्तर-द

12-बिरसामुंडा का जन्म कब हुआ?
अ. 1780
ब. 1902 
स.1870
द. 1802
उत्तर-स

13.मैकाले की शिक्षा योजना के अंर्तगत 1864 में छ.ग.मे कौन से स्कूल की स्थापना की गई -
अ.जे.आर.दानी स्कूल
ब.सखाराम दुबे स्कूल
स.शेण्टपारस्कूल
द.प्रो.जे.पी.श.बहुउद्देशीय स्कूल
उत्तर द

14.मैकाले की कौन सी नीति प्रचलित है-
अ.शिक्षा नीति
ब. व्यापार नीति
स. आर्थिक नीति
द. राजनैतिक
उत्तर-शिक्षा नीति

15.भारत मेे ब्रिटिश सरकार द्वारा रैयतवाडी व्यवस्था क्योे शुरू की गई?
अ. किसानोे के साथ सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए
ब. किसानोे के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए
स. जमींदारी  की दशा सुधार लाने के लिए
द. नए जमीेदार की सहायता करने के लिए
उत्तर- अ.

16.एक साल एक वृ़क्ष के पीछे एक व्यक्ति कासिर ये किस विद्रोह का लक्ष्य था?
अ. मुडिया विद्रोह
ब. भूकाल विद्रोह
स. कोई विद्रोह
द.हल्बा विद्रोह
उत्तर - स.






















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