पाठ 14
भारत बन जाही नंदनवन
शब्दार्थ
झन=नहीं/मत
पुरुसारथ=पुरुषारथ
कलेस=कष्ट
पिछवा जाबे=पिछड़ जाओगे
नरेस=नरेश/राजा
इखरे=इनके
रच=रचना करना
प्रश्न 1 कवि ह भीम,भागीरथ अउ महावीर कोन ल केहे हे ?
उत्तर-कवि ह भीम,भागीरथ अउ महावीर नवभारत के तरुण मन ले केहे हे।
प्रश्न 2 कवि देश के नवजवान मन ले का माँगत हे ?
उत्तर-कवि देश के नवज़वान मन ले ओखर श्रमदान माँगत हे ।
प्रश्न 3 खँड़हर मा रच अब रंग महल म छिपे भाव ल समझावव ?
उत्तर-खँड़हर मा रच अब रंगमहल में छिपे भाव का अरथ है देश के खराब हालत सुधारो ।कवि ह युवा मन ला आहवान करत कहत हे कि युवा मन देश के आरथिक अउ सामाजिक इसथिति ल सुधारौ । छुटे हुए घर ल बसावव ।
प्रश्न 4 कवि ह नवजवान मन ले कडा़ मिहनत करे बर काबर कहत हे ?
उत्तर-कवि ह नवजवान मन ले कडा़ मिहनत करे बर एखर सेती कहत हे काबर कि देश के नवजवान मन म उतसाह ,ताकत अउ जोश होथय ।ओमन ह देश के विकास बर लगन अउ श्रम से अचछा ढंग ले काम कर सकते ।एखर से देश के विकास होही अउ हमर देश ह खुशहाल हो जाही ।
प्रश्न 5 भारत नंदनवन कब बन जाही?
उत्तर-भारत नंदनवन तब बन जाही देश के नवजवान किसान अउ मजदूर मन ह अपन श्रम ले देश के लिए फसल उगाही ,रुपिया पइसा कमाही अउ देश ह खुशहाल हो जाही ।
प्रश्न 6 खालहे लिखाय कविता के पंकित मन के अरथ लिखव --
(क)झन भुला ..............रंगमहल
उत्तर-:झन भुला अपन पुरुसारथ बल,खँड़हर मा रच अब रंगमहल।
(ख)हे सवतंत्र..............हर कलेस।
उत्तर-:हे सवतंत्र भारत के नरेस,
जन-जन के जलदी हर कलेस
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