Saturday, September 11, 2021

पाठ10 सितारों से आगे(7 वी हिंदी)




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पाठ 10
सितारों से आगे - लेखक मंडल


पाठ परिचय–'पूत के पाव पालने में यह लोकोक्ति बच्चे
के आगे चलकर साधारण या असाधारण होने के सम्बन्ध में कहीं जाती है, किन्तु कई बार यह लोकोक्ति गलत भी हो जाती है।कभी-कभी साधारण-सा दिखने वाला व्यक्ति असाधारण कार्य करके विश्व में नाम कमा लेता है। कौन जानता था कि अपने विचित्र प्रश्नों को पूछकर शिक्षकों के मस्तिष्क को चक्कर में डाल देने वाला एडिसन सैकड़ों आविष्कार करके विश्व के अग्रणी वैज्ञानिकों में अपना नाम लिखा लेगा। कोई नहीं जानता था कि करनाल की एक दुबली-पतली लड़की कभी अन्तरिक्ष यात्री के रूप में स्पेश शटल में बैठ कर अन्तरिक्ष के गूढ़ रहस्य खोलेगी और भारत का नाम रोशन करेगी। इस पाठ में इसी दुबली-पतली लड़की कल्पना चावला का जीवन-वृत्त बच्चों को प्रेरणा प्रदान करने के लिए प्रस्तुत है।

अभ्यास

प्रश्न 1. विश्व के लोग टेलीविजन पर आँखें क्यों गड़ाए
हुए थे?
उत्तर- विश्व के लोग टेलीविजन पर इसलिए आँखें
गड़ाए हुए थे क्योंकि उस दिन कोलंबिया शटल पृथ्वी पर लौटने वाली थी। इसमें सात वैज्ञानिक सवार थे, जिसमें भारत की बेटी कल्पना चावला भी शामिल थी।

प्रश्न 2. टैगोर बाल निकेतन करनाल के बच्चे किसका
और क्यों इंतजार कर रहे थे ?
उत्तर टैगोर बाल निकेतन करनाल के बच्चे अपने विद्यालय
की पूर्व छात्रा कल्पना चावला के अंतरिक्ष से सकुशल वापस लौटने का इंतजार कर रहे थे।

प्रश्न 3. विश्व में शोक की लहर क्यों दौड़ गई ?
उत्तर- विश्व में शोक की लहर इसलिए दौड़ गई क्योंकि
1 फरवरी, 2003 का वह काला दिन जब स्पेस शटल तथा उसमें सवार सात अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर के क्षत-विक्षत अंग अमेरिका की धरती पर इधर-उधर बिखर गए।

प्रश्न 4. कल्पना खुले आसमान को क्यों निहारती थी ?
उत्तर-कल्पना खुले आसमान को इसलिए निहारती क्योंकि उसे ग्रह, नक्षत्र और तारागणों में विशेष रुचि थी। निहारते-निहारत वह नक्षत्र लोक में पहुंच जाती थी। शायद यही से उसे अंतरिक्ष यात्रा की सूझी थी।

प्रश्न 5. कल्पना का अटल ध्येय क्या था?
उत्तर- कल्पना का अटल ध्येय अंतरिक्ष में उड़ने का था।

प्रश्न 6. 'जो काम लड़के कर सकते हैं वह मैं भी कर
सकती हूँ', कल्पना चावला यह क्यों कहती थी?
उत्तर - कल्पना चावला ने इंजीनियरिंग में 'अन्तरिक्ष विषय' लिया था। इस विभाग में उस समय तक कम ही छात्र-छात्राएँ दाखिला लेते थे। छात्राओं का प्रतिशत तो नगण्य ही रहता था।अध्ययन के समय कल्पना अपने विषय के अलावा अन्य क्रिया कलापों में भी भाग लेती थी। यह उसका दृढ़ विश्वास था, जिसके कारण वह कहा करती थी कि जो काम लड़के कर सकते हैं, वह मैं भी कर सकती हूँ।

प्रश्न 7. मोंट्यू फांउडेशन का उद्देश्य क्या है ?
उत्तर- मोंट्यू फांउडेशन का उद्देश्य है प्रतिभावान नवयुवकों और नवयुवतियों को जिन्हें धनाभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित होना पड़ता है, विश्वविद्यालय की शिक्षा प्राप्त करने में सहायता करना।

पाठ से आगे
प्रश्न 1.
कल्पना चावला को भारत की बेटी क्यों कहा
गया है ? इस विषय पर आप अपने शिक्षकों के साथ चर्चा
कर उनकी विशेषताओं को लिखिए।
उत्तर-कल्पना चावला को भारत की बेटी इसलिए कहा
गया है क्योंकि उनका जन्म भारत में हुआ था, स्कूली शिक्षा भारत में हुई थी और अंतरिक्ष यात्रा अभियान में शामिल होकर भारत देश का नाम रोशन किया।
(शिक्षकों से चर्चा कर उनकी विशेषताओं को छात्र स्वयं
लिखें)।

प्रश्न 2बचपन में आकाश को निहारते-निहारते कल्पना
अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकीं। आप भी अपने लक्ष्यों के बारे लिखकर कक्षा में सुनाइये।
उत्तर- छात्र स्वयं लिखकर सुनाए।

प्रश्न 3. कल्पना का मानना था कि जो काम लड़के कर
सकते हैं वह मैं भी कर सकती हूँ। आप कक्षा में चर्चा कर
लिखिए कि जीवन का ऐसा कौन-सा क्षेत्र है जहाँ लड़किया कार्य नहीं कर सकतीं।
उत्तर-जीवन का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहाँ लड़कियाँ
कार्य नहीं कर सकती आज सेना (जल, थल, वायु) के क्षेत्र में,भारत के बार्डर पर सुरक्षा, पायलट, अंतरिक्ष यात्रा, राष्ट्रीय पर्व पर मोटर साइकिल में करतब आदि सभी क्षेत्रों में लड़कियाँ कार्य कर रही हैं।

प्रश्न 4.एयरोनाटिक्स इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग का कौन-
सा क्षेत्र है और इसमें किस विषय की पढ़ाई होती है ? शिक्षक और साथियों से बातचीत कर लिखिए।
उत्तर- एयरोनाटिक्स इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग का सबसे
चुनौतीपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। इसके तहत नागरिक उड्डयन,स्पेस रिसर्च, डिफेंस टेक्नोलॉजी आदि के क्षेत्र में नई तकनीकों का विकास किया जाता है। यह क्षेत्र डिजाइनिंग निर्माण, विकास परीक्षण, ऑपरेशंस तथा कमर्शियल व मिलिट्री एयरक्रॉफ्ट के पुर्जी के साथ-साथ अंतरिक्ष यानों, उपग्रहों और मिसाइलों के विकास से संबंधित है।

भाषा से

निम्नलिखित समानोच्चारित शब्दों को इस प्रकार वाक्यों
में प्रयोग कीजिए, जिससे उनके अर्थ में अंतर स्पष्ट हो जाए-
उत्तर-
शब्द   -  अर्थ
1. साहस - हिम्मत
सहसा- अचानक
2.परिणाम-फल (रिजल्ट, निष्कर्ष)
परिमाण- माप
3. दिन- वार
दीन- दुखी
4. अपेक्षा - आशा ,तुलना
उपेक्षा- तिरस्कार,निरादर
5. श्वेत- सफेद
स्वेद- पसीना
6. अनु- पीछे
अणु- कण

वाक्य प्रयोग
उत्तर-
1. सहसा/साहस
(i) सहसा जोरदार धमाका हुआ।
(ii) कल्पना का साहस सराहनीय है।
2. परिणाम/परिमाण
(6) उस विद्यालय का परिणाम उत्तम रहता है।
(ii) इसका परिमाण लगभग 100 किलोग्राम है।
3. दिन/दीन
(i) आज कौन-सा दिन है।
2 वह बहुत ही दीन बालक है।
4. अपेक्षा/उपेक्षा
1 बड़े लोगो की अपेक्षा सर्वसाधारण में यह किस्सा अधिक लोकप्रिय है।
2 नारी पूजा की वस्तु है उपेक्षा की नही।

5.श्वेत/स्वेद
() उसके श्वेत केश से उसकी उम्र का अनुमान लगाया जा
सकता है।
(ii) अति श्रम के कारण उसके चेहरे से स्वेद बिन्दु टपक रहे थे।
6. अनु/अणु
(i) लक्ष्मण रामजी के अनुचर थे।
(ii) सोना को आग में तपाने से उसके मिलावट के अणु-अणु बिखर जाते हैं।

प्रश्न 2. पाठ में निम्नांकित मुहावरों का प्रयोग हुआ है
वाक्य में स्वतंत्र रूप से इसका इस प्रकार प्रयोग कीजिए कि उनका अर्थ स्पष्ट हो जाए-BSITE
उत्तर- 1. आँखें गड़ाना - एकटक देखना।
2. आँखें आकाश की ओर लगाना - ऊँचे ख्वाब देखना।
3. बलिदान देना- समर्पण।
4.साँस ऊपर की ऊपर रह जाना- अवाक रह जाना।
5. शोक की लहर दौड़ना- अत्यंत दुख।
6. मन माँगी मुराद पूरी होना- इच्छा पूरी होना
(छात्र शिक्षक की सहायता से वाक्य प्रयोग करें)।

प्रश्न 3. पाठ में आतुरता, सफलता, प्रमुखता, असमानता
जैसे शब्दों का प्रयोग हुआ है जिसमें मूलशब्द के साथ 'ता'
प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। आप 'ता' प्रत्यय को जोड़ते हुए दस शब्दों का निर्माण कीजिए।
उत्तर- 1. समानता, 2. निर्धनता, 3. अधीरता, 4. सुंदरता, 5.पराधीनता, 6. स्वतंत्रता, 7. मानवता, 8. सहभागिता, 9. उदण्डता,10. सफलता।

योग्यता विस्तार
1. स्त्री शक्ति के रूप में भारत का नाम विभिन्न क्षेत्रों में
रोशन करने वाली नारियों की सूची बनाइए और कक्षा में उस
पर चर्चा कीजिए।
उत्तर- (1) कल्पना चावला, (2) सानिया मिर्जा, (3) पी. टी.उषा, (4) साक्षी मलिक, (5) दीपा कर्माकर, (6) एमसी मैरीकॉम,(7) चंदा कोचर, (8) इरोम चामू शर्मिला, (9) पी. वी, सिंधु,(10) दीपा मलिक, (11) साइना नेहवाल।
(चर्चा छात्र आपस में करें)।
2. भारत की प्रथम महिला एवरेस्ट विजेता बछेन्द्री पाल
की जीवनी खोज कर पढ़िए।
उत्तर- बछेन्द्री पाल का जन्म 24 मई सन् 1954 को नाकुरी उत्तरकाशी (उत्तरांचल) में हुआ। बछेन्द्री पाल के पिता का नाम किशन सिंह पाल तथा माँ का नाम हंसा देवी है। बचपन से ही बछेन्द्री पाल अन्य बालकों से सदैव अलग थी। बछेन्द्री निडर व आत्मनिर्भर रहना पसंद करती थी। बछेन्द्री पाल को पहाड़ों पर चढ़ाई का मौका तब आया जब 12 वर्ष की आयु में उन्होंने अपने सहपाठियों के ग्रुप के साथ 4000 मीटर की चढ़ाई की। बछेन्द्री जब 13 वर्ष की हुई तो उन्हें गढ़वाल की अन्य बालिकाओं की भाँति स्कूल छोड़कर घर का काम सीखने की सलाह दी गई लेकिन वह अपने दृढ़ निश्चय के कारण रात-रात भर पढ़ाई करने
लगी। तब उनके घरवालों को उनकी शिक्षा के प्रति झुकाव का एहसास हुआ और बछेन्द्री पाल को शिक्षा पूरी करने की अनुमति प्रदान कर दी। कॉलेज में बछेन्द्री राइफल, शूटिंग और अन्य प्रतियोगिता में लड़के व लड़कियों को हरा दिया। बछेन्द्री ने संस्कृत में एम. ए. किया और बी. एड. किया। बछेन्द्री अपने गाँव की पहली लड़की थी जिसने इतनी ऊँची डिग्री प्राप्त की।बछेन्द्री ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में दाखिले के लिए आवेदन कर दिया। उन्हें इस पाठ्यक्रम का सर्वश्रेष्ठ छात्र माना गया। बछेन्द्री को आश्चर्य तब हुआ जब उन्हें बताया गया कि वह एवरेस्ट जा सकने में सक्षम है और वह चढ़ाई कर सकती है। 23
मई सन् 1984 को बछेन्द्री पाल ने एवरेस्ट की चोटी 29028 फीटअर्थात् 8848 मीटर की चढ़ाई करके दोपहर एक बजकर सात मिनट पर एवरेस्ट पर भारतीय विजय पताका फहरा दी। (और अधिक विस्तार के लिए पुस्तकालय या शिक्षक की मदद लें)।
.























1कल्पना चावला का जन्म कब हुआ था-
अ.सन् 1961
ब. सन्1962
स. सन् 1000
द. सन्1900
उत्तर- अ.सन् 1961

2कल्पना खुले असमान को निहारती थी-
अ.आँख को
ब.कान को
स. आसमान  में तारागणीं
उत्तर -अ. आँख

3 आँखे गड़ाना का  मायने होगा?
अ.अनुभव ब.एकाटक देखना
स.कोई नहीं
द. सभी
उत्तर ब.एकाटक देखना

4आँखे आकाश की ओर लगाना मायने होगा?
अ.ऊपर देखना
ब. बलिदान
स.कोई नहीं
द. सभी
उत्तर- अ.ऊपर देखना

5बलिदान देना का मायने होगा
अ.हिम्मत
ब.शहीद होना
स. कोई नहीं
द. सभी
उत्तर ब. शहीद होना

6साॅस ऊपर की ऊपर रह जाना
अ.साॅसे थम जाना
ब.तुलना
स.अचानक
द. सभी
उत्तर अ.साॅसे थम जाना

7इनमें से आकाष षब्द का पर्यायवाची
अ. अंतरिक्ष
ब. आँखे
स. आभास
द. सभी
उत्तर अ. अंतरिक्ष

8 अणु का अर्थ ......होता है
अ.कण
ब.परमाणु
स.बम
द.सभी
उत्तरअ.कण

9 महा -उदय का अर्थ होता है
अ. महोदय
ब. महूदय
स. महोदया
स. कोई नहीं
अ. महोदय

10 बुद्धिमान शब्द का प्रत्यय लगा है
अ. न 
ब. मन
स. मान
द इमान
द इमान

11निर्भिक शब्द का अर्थ हे
अ. बिना भय के
ब.बिना भाव के
स बिना दौड के
द. सभी
उत्तर अ. बिना भय के

12. कल्पना चावला को टेलीफोन पर संदेश मिला।
A.नासा से
B.कनाडा से
C.ब्रिटेन से
D.फ्लेरीडा से
उत्तर a

13.कोलंबिया अंतरिक्ष यान में कल्पना चावला के साथ और कितने अंतरिक्ष यात्री शामिल थे-
A. दो
B.तीन
C.चार
D.छः
उ. D

14. कल्पना का एक वर्षीय प्रशिक्षण प्रारम्भ हुआ।
A. 6 मार्च 1994 में
B. 6 मार्च 1996 में
C. 6 मार्च 1997 में
D. 6 मार्च 1995
उ b

15. कल्पना के परिवार वालो ने फाउंडेशन की स्थापना की-
A. कल्पना फाउंडेशन
B. जीन पीयरे फाउंडेशन
C. मोंटयू फाउंडेशन
D. एयरोनॉटिक फाउंडेशन
उ c

16. कल्पना विवाह सूत्र में बँधी-
A. दिसम्बर 1982
B.दिसम्बर 1983
C. दिसम्बर 1984
D. जनवरी  1983
B
17. कल्पना चावला की जन्मस्थली करनाल वर्तमान में भारत के किस राज्य में स्थित है-
A. उत्तरप्रदेश
B. हरियाणा
C.पंजाब
D. राजस्थान
B

18. कल्पना चावला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की -
A.देहली पब्लिक स्कूल
B.सैनिक स्कूल
C.आदर्श पब्लिक स्कूल
D.टैगोर बाल निकेतन स्कूल
D

19.अपने विश्वास के धरातल से आगे बढ़कर चलो तभी असंभव को संभव बनाया जा सकता है यह संदेश किसने दिया
A. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम
B.बछेंद्री पाल
C.जीन पियरे
D.कल्पना चावला
D

20. "शोक की लहर दौड़ना"
A. मुहावरा
B. लोकोक्ति
C. अनेक शब्द के एक शब्द
D. कहावत
उ A


21.अंतरिक्ष मान कितने मील प्रति घंटे के गति उडता था
अ. 17500
ब. 18500
स. 24000
द.6677
उत्तर अ. 17500

22. कल्पना चावला का जीवन कैसा था?
अ. समान्य था
ब. सादा था
स. अमीर जैसा था
द. कोई नही
उत्तर अ. समान्य था

23 सितारों से आगे पाठ का  लेखक है
अ. लेखक मंडल
ब. संकलित
स दोनों
द. सभी
उत्तर अ. लेखक मंडल

24एकवर्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कब प्रारंभ हुआ-
अ. 8 मार्च 1995
ब. 6 मार्च 1996
स. 7 मार्च 1979
द. कोई नहीं
उत्तर ब. 6 मार्च 1996

25.मन माॅगी मुराद पुरी होना का मायने होगा?
अ. इच्छानुसार कार्य करना
ब. शहीद होना स सभी
उत्तर अ. इच्छानुसार कार्य करना



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