Tuesday, September 14, 2021

8 वी इतिहास 06 भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (8 वी इतिहास)

 

अध्याय6
भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन
























































https://youtu.be/J1cjtH1fcks

-याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें-
★ राष्ट्रीय एकता की भावना, देशप्रेम, सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक परम्पराओं पर अभिमान की भावना को सामूहिक रूप से राष्ट्रवाद कहा जाता है।
★भारत में राजनीतिक सभाएं कलकता, बम्बई और मद्रास से प्रारंभ हुई।
★सन 1851 में कलकता में मिटिश इण्डियन एसोसिएशन, सन् 1882 में मुम्बई एसोसिएशन तथा मद्रास में मद्रास नेटिव एसोसिएशन का गठन किया गया।
★सन् 1870 में पूना सार्वजनिक सभा, सन् 1884 में मद्रास महाजन सभा और सन् 1885 में बाम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन का गठन हुआ।
★28 दिसम्बर सन् 1885 को बम्बई में व्योमेशचंद बनर्जी की अध्यक्षता में आयोजित अखिल भारतीय सम्मेलन में 'अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेश की स्थापना हुई।
★लार्ड कर्जन ने सन् 1905 में बंगाल का विभाजन कर दिया।
★बंगाल विभाजन के विरोध में देशव्यापी बंग-भंग आन्दोलन चलाया गया, फलस्वरूप सन् 1911 में इसे रद्द कर दिया गया।
★सन् 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस गरम और नरम दो दलों में बंट गया।
★सुरेन्द्रनाथ बनर्जी, गोपाल कृष्ण गोखले, फिरोजशाह मेहता-नरम दल के थे।
★ लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, विपिन चन्द्र पाल (लाल-बाल-पाल)-गरम दल के थे।

★सन् 1910 में अंग्रेजों के शोषण के विरुद्ध बस्तर में भूमकाल विद्रोह हुआ।
★ सन् 1906 को मुस्लिम लीग की स्थापना हुई थी।
★सन् 1911 में कलकत्ता के स्थान पर दिल्ली को देश की राजधानी बनाया गया।
★लाल हरदयाल ने सन् 1913 में उत्तर अमेरिका में गदर पार्टी का गठन किया।
★प्रथम विश्व युद्ध सन् 1914 से 1918 तक लड़ा गया था।
★डॉ. श्रीमती अनिबेसेन्ट ने होमरूल आन्दोलन प्रारंभ किया था।
★रायवेन्द्र राव, पं. रविशंकर शुक्ल, शिवदास डागा व बाजीराव कृदन्त आदि छत्तीसगढ़ के प्रमुख राजनेता थे।
★महात्मा गांधी ने राष्ट्रीय आन्दोलन का नेतृत्व सन् 1920 से किया।
★गाँधी जी का पूरा नाम मोहन दास करम चन्द गाँधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर, सन् 1869 को गुजरात के पोरबन्दर में हुआ था।
★सत्याग्रह, अहिंसा, अवज्ञा, अनशन, उपवास आदि गाँधी जी के शस्त्र कहे जाते हैं।
★सन् 1915 में गाँधी जी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे।
★चम्पारण आन्दोलन, खेड़ा सत्याग्रह, कण्डेल सत्याग्रह, मिल मजदूर आन्दोलन गाँधी जी के प्रारंभिक आन्दोलन थे।
★असहयोग आन्दोलन सन् 1920 को आरंभ हुआ था।
★कण्डेल सत्याग्रह छत्तीसगढ़ राज्य के धमतरी जिले के कण्डेल नामक गाँव में हुआ था।
★सुन्दर लाल शर्मा, नारायण राव मेघावाले एवं बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव कण्डेल आन्दोलन के सूत्रधार थे।
★ धमतरी के प्रसिद्ध मकई चौक में गाँधी जी के भाषण की व्यवस्था थी।
सन् 1908 में बाल गंगाधर तिलक के गिरफ्तार के विरोध में हड़ताल हुआ था।
★छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा मिल 'बंगाल नागपुर काटन मिल' राजनादगाँव में था।
★सन् 1919 में 'रोलेट एक्ट' नामक कानून बना, जिसे 'काला कानून' के नाम से जाना जाता है।
★13 अप्रैल, सन् 1919 को रोलेट एक्ट के विरोध में आम सभा हुई, जिसमें जनरल डायर ने गोली चलवाई, इसमें हजारों लोग मारे गए यह घटना जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड के नाम से जाना जाता है।
★खलीफा के पद को पुनः स्थापित करने के लिए भारतीय मुसलमानों द्वारा खिलाफत आन्दोलन चलाया गया।
★1 अप्रैल, सन् 1920 को गांधी जी ने असहयोग आन्दोलन चलाया।
★असहयोग आन्दोलन गुजरात के बारदोली से शुरू हुआ था।
★5 फरवरी, सन् 1922 को चौरा-चौरी काण्ड हुआ और 12 फरवरी, सन् 1922 को असहयोग आन्दोलन वापस ले लिया गया।
★1 जनवरी, सन् 1923 को 'स्वराज्य दल' का गठन हुआ, इसके सभापति चितरंजन दास थे।
★सचिन्द्रनाथ सान्याल, रामप्रसाद विस्मिल, योगेश चन्द्र चटर्जी, भगत सिंह, बटुकेश्वर दन्त, राजगुरु, सुखदेव, चन्द्रशेखर आजाद प्रमुख
क्रांतिकारी थे।
★इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क के मुठभेड़ में चन्द्रशेखर आजाद शहीद हुए।
★पं. नेहरू और सुभाषचंद्र बोस समाजवादी विचारधारा के नेता थे।
★सन् 1929 को कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन हुआ।
★5अप्रैल, सन् 1930 को दाण्डी (यात्रा) पहुँचकर नमक कानून तोड़ा गया।
★13 अप्रैल, 1930 को राष्ट्रीय सप्ताह मनाने का प्रस्ताव पारित हुआ।
★ नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने ‘फारवर्ड ब्लाक' और 'आजाद हिन्द फौज' की स्थापना की।
★परस राम सोनी, सुधीर मुखर्जी, मंगल मिस्त्री, सूरबंधु छत्तीसगढ़ के प्रमुख क्रांतिकारी थे।
★8 अगस्त, सन् 1942 को बम्बई अधिवेशन में भारत छोड़ो आन्दोलन पारित किया गया।
★मार्च 1946 में अंग्रेजों ने स्वतंत्रता की माँग स्वीकार की और जून, सन् 1948 को वे भारत छोड़कर चले गए।
★लार्ड माउण्ट बेटन भारत के अंतिम वायसराय थे।
★1947 अधिनियम को भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम कहा जाता है।
★14 अगस्त को पाकिस्तान और 15 अगस्त, सन् 1947 को भारत स्वतंत्र हुए।
★स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बाबू राजेन्द्र प्रसाद व प्रधानमंत्री पण्डित जवाहर लाल नेहरु बने।

अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1 हाँ अथवा नहीं में उत्तर दीजिए-
(1) 'हिन्दी केसरी' के सम्पादक बाल गंगाधर तिलक थे।
(2) राष्ट्रीय एकता की भावना को राष्ट्रवाद कहते हैं।
(3) औद्योगिक क्रांति के कारण अधिकांश मिलें खुली।
(4) भारत के पिछड़ेपन के लिए अंग्रेजों की आर्थिक नीति जिम्मेदार है।
(5) शिक्षित मध्यम वर्ग ने आधुनिक विचारों को अस्वीकार किया।
उत्तर-(1) नहीं, (2) हाँ, (3) हाँ, (4) हाँ, (5) हाँ।

प्रश्न 2.खाली स्थान भरिए-
(1) गाँधी जी..........में भारत लौटे।
(2) चम्पारण .............अंचल में है।
(3) .............सत्याग्रह नहर कर के विरोध में था।
(4) लगान बंदी के लिए गुजरात के......जिले में आन्दोलन हुआ।
(5) ...........की दीवारों पर गोलियों के निशान आज भी हैं।
उत्तर-(1) 1915, (2) बिहार, (3) कण्डेल, (4) खेड़ा,
(5) जलियाँवाला बाग।

प्रश्न 3. उचित संबंध जोडिए-
1.1916  - (क) मुस्लिस लीग की स्थापना
2. 1911  -(ख) बंगाल का विभाजन
3. 1907  - (ग) सर्वदलीय बैठक का आयोजन
4. 1906  -(घ) दिल्ली राजधानी बनी
5.1905 - (ङ) सूरत अधिवेशन।

उत्तर- 1. (ग), 2. (घ), 3. (ङ), 4. (क), 5. (ख)

प्रश्न 4.इन प्रश्नों के उत्तर में केवल नाम लिखिए-
(1)बंगाल विभाजन किया-
उत्तर-लार्ड कर्जन।
(2)नरम विचार-धारा के
प्रमुख
उत्तर-सुरेन्द्र नाथ बनर्जी, गोपाल कृष्ण गोखले, फिरोज
शाह मेहता, महात्मा गाँधी, पं. नेहरू आदि।
(3)छत्तीसगढ़ में खादी आश्रम बनाया-
उत्तर-पं. सुन्दर लाल शर्मा।
(4) कवि समाज का संगठन कहाँ बना-
उत्तर- छत्तीसगढ़।
(5)गदर पार्टी के संस्थापक थे-
उत्तर लाला हरदयाल।

प्रश्न 5. नीचे कुछ घटनाएँ लिखी गई हैं, आप उससे सम्बन्धित तिथि, सन् आदि उसके सामने अंकित कीजिए-
(1) अंग्रेजों ! भारत छोड़ो' की हुँकार सुनाई पड़ी।
उत्तर-8 अगस्त, सन् 1942.
(2) अंतत: पाकिस्तान को एक अलग राष्ट्र के रूप में स्वीकार कर लिया गया।
उत्तर-14 अगस्त, सन् 1947.
(3)अंग्रेजों का किसी भी प्रकार से सहयोग नहीं करना चाहिए, यह संकल्प लिया।
उत्तर-1 अगस्त, सन् 1920.
(4)एक ऐसी हिंसक घटना हुई, जिसके कारण गाँधी को आन्दोलन स्थगित करना पड़ा।
उत्तर -5फरवरी, सन् 1922 (चौरा चोरी काण्ड)।
5) समुद्र तट पर पहुँचकर गाँधीजी ने नमक कानून भंग किया।
उत्तर- 5 अप्रैल, सन् 1930

प्रश्न 6. प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(1) इंग्लैण्ड में औद्योगिक क्रांति किस सदी में हुई?
उत्तर- इंग्लैण्ड में औद्योगिक क्रांति 18वीं सदी में हुई।

(2) 28 दिसम्बर, सन् 1885 को किस पाठशाला में सभा हुई।
उत्तर- 28 दिसम्बर, सन 1885 को गोकुल दास तेजपाल संस्कृत पाठशाला में सभा हुई।

(3) छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की शाखा कब बनी ?
उत्तर- सन् 1903 में।

(4) भारतीय राजनैतिक सभा प्रारंभ में कहाँ हुई थी?
उत्तर- भारतीय राजनैतिक सभाएँ प्रारंभ में कलकत्ता, बम्बई और मद्रास जैसे प्रांतीय नगरों में शुरू हुई थी।
(5) राष्ट्रीय नेता प्रारंभ में किस विचारधारा के थे ?
उत्तर-राष्ट्रीय नेता प्रारंभ में नरम विचारधारा के थे।

(6)1900 में छत्तीसगढ़ में प्रकाशित समाचार पत्र का
ज्या नाम था?
उत्तर-1900 में छत्तीसगढ़ में प्रकाशित समाचार पत्र कानाम 'छत्तीसगढ़ मित्र' था।

(7) बंगाल प्रांत का विभाजन क्यों किया गया?
उत्तर-बंगाल विभाजन के कारण के रूप में लार्ड कर्जन का कहना था कि प्रशासनिक सुधार के उद्देश्य से किया जा रहा
है। उनका मानना था कि बंगाल जैसे विशाल राज्य का प्रबंध एक केन्द्र द्वारा नहीं किया जा सकता है। इसलिए बंगाल का विभाजन
कर प्रशासन की कार्यकुशलता को बढ़ाना आवश्यक था, परन्तु कर्जन का वास्तविक उद्देश्य बंगाल को तोड़ना, उसे कमजोर
करना और राष्ट्रीयता के वेग को रोकना था। उसका वास्तविक उद्देश्य जनता में फूट डालना, पूर्वी बंगाल के राज्यों में मुसलमानो
का बहुमत रखना और पश्चिमी बंगाल में हिन्दुओं का बहुमत रखना तथा हिन्दू-मुसलमान की एकता को समाप्त कर राष्ट्रीय आन्दोलन को निर्बल बनाना था।

(8) राष्ट्रीय विद्यालय/महाविद्यालय क्यों खोले गए ?
उत्तर-भारत में राष्ट्रीय विद्यालय और महाविद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य ज्ञान के आलोक से भारतीय समाज में सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक विचारों में परिवर्तन लाना था। शिक्षा के अभाव में लोगों को अपने हित की चिंता नहीं थी।आजादी का महत्व नही पता था।शिक्षा के द्वारा ही देश मे राष्ट्रीय की भावना जागृत की जा सकती थी।स्कूलों के माध्यम से राष्ट्रीय विचारों का प्रसार किया जा सकता है। विद्यालय और महाविद्यालय में जन - जागरण हेतु सभा- सम्मेलन भी किया जा सकता था।यह याद रखने योग्य बात है कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना एक विद्यालय के प्रांगण में ही हुआ था।

(क) 'फूट डालो और शासन करो'की नीति का क्या अर्थ है?
उत्तर - 'फूट डालो और शासन करो' की नीति का जनक लार्ड कर्जन था। लार्ड कर्जन से भारत में जाग रही राष्ट्रीयता कीभावना कोसमाप्त करने के लिए इस नीति को अपनाया।कर्जर ने इसकी शुरुआत सन् 1905 में बंगाल से किया प्रशासनिक
सुधार के नाम पर उसने हिन्दू और मुसलमान को आपस में बाँटने का असफल प्रयास किया ।वह चाहता था सभी जाति - धर्म के लोगो को व्यक्तिगत लालच देकर एक - दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया जाय, जिससे वे एक-दूसरे का सहयोग न करें। इस प्रकार भारतीय समाज व राष्ट्र को बांटने वाली इसी नीति को 'फूट डालो और शासन करो' की नीति से जाना जाता है।

(10) स्वदेशी का क्या तात्पर्य है?
उत्तर- स्वदेशी का तात्पर्य अपने देश के बनी वस्तुओं से है।अंग्रेजों ने विदेशी वस्तुओं का बाजार खड़ा कर भारतीयों को खूब लुटा, उनके हाथों से रोजगार छीन लिया। भारतीय कारीगर व शिल्पकारों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई तो भारतीय नेताओं
ने अपने ही देश में निर्मित वस्तुओं के प्रयोग की अपील की। इस प्रकार स्पष्ट है स्वदेशी का अर्थ अपने देश के निर्माण से है।

प्रश्न 7. संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए-
(क) खेड़ा सत्याग्रह -यह सत्याग्रह गुजरात राज्य के खेड़ा नामक जिले में हुआ था। खेड़ा जिले में थर्यकर अकाल पड़ा था। इसी समय जिले में प्लेग भी फैल गया। इस दोहरे मार ने किसानों की आर्थिक स्थिति अत्यन्त कमजोर कर दिया लेकिन अंग्रेजी सरकार ने बलपूर्वक कर वसूल करना आरंभ कर दिया। इससे मजदूर व किसान वर्ग में असंतोष फैल गया और वेलामबंद होकर आन्दोलन शुरू कर दिए। गाँधी जी ने इस आन्दोलन का नेतृत्व किया। परिणामस्वरूप सरकार को झुकना पड़ा और किसानों
का लगान माफ कर दिया गया।

(ख) कण्डेल सत्याग्रह-छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले कण्डेल नामक स्थान पर यह आन्दोलन हुआ था। इस आन्दोलन का मुख्य कारण नहर पानी का अनुषंध और कर वसूली था। महानदी में रुद्री और माडम सिल्ली में बाँध बनाया गया तथा नहरें भी निकाली गई, जिससे अंचल की सिंचाई की जाती थी।बदले में किसान कर जमा करते थे। लेकिन अचानक सरकार ने दस वर्षीय योजना किसानों पर थोप दी। उनसे इतनी राशि मांगी गई कि वे इससे अपने गांव में ही तालाब खोदवाकर सिंचाई कर सकते थे। इस योजना का किसानों ने विरोध किया। सरकार ने बिना सूचना नहरों से पानी छोड़कर हर्जाना वसूलने का दबाव
और पानी चोरी का झूठा आरोप लगाया। फलतः किसानों ने सत्याग्रह प्रारंभ कर दिया। क्षेत्रीय नेताओं की अगुवाई में आन्दोलन प्रारंभ हुआ और अगस्त सन् 1920 को यह जिला व्यापी हो गया।
अंग्रेजों ने किसानों की जमीन और मवेशियों को कुर्क कर लिया।इससे आन्दोलन और तेज हो गया। 20 दिसम्बर, सन् 1920 को
गांधी जी भी इस आन्दोलन को नेतृत्व प्रदान करने आए। उनका भाषण धमतरी के प्रसिद्ध मकई चौक में हुआ। इस सभा में लाखों बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। फलतः अंग्रेजी सरकार को
झुकना पड़ा। सरकार ने अपनी गलती मानी और कुर्क को रद्द कर दिया। यह आन्दोलन पाँच माह तक चला।

(ग) अहमदाबाद मिल सत्याग्रह-सूती वस्त्र उद्योगों की नगरी अहमदाबाद में यह सत्याग्रह आन्दोलन चलाया गया था।
लगातार बढ़ती महँगाई ने मिल-मजदूर को घुट-घुटकर जीने को विवश कर दिया था और ऊपर से मिल मालिक न ही मजदूरों का
वेतन बढ़ा रहे थे और न ही उन्हें उनका बोनस दिया जा रहा था।मजदूरों ने गाँधी जी को अपनी समस्याएं बताई और गाँधी जी के
नेतृत्व में जोरदार आन्दोलन आरंभ हुआ। मजदूरों ने गाँधी जी का पूरा समर्थन किया और अन्य स्थानीय संगठनों ने भी इस आन्दोलन का समर्थन किया । परिणामस्वरूप मिल मालिकों को मजदूरों की माँगें माननी पड़ी।

(घ)खिलाफत आंदोलन- तुर्कीस्तान के सुल्तान विश्व के सभी मुसलमानों के धर्मगुरु थे। प्रथम विश्व युद्ध के बाद अंग्रेजों ने तुर्की की नयी सरकार पर समझौते के अंतर्गत कठोर शर्ते लाद दी। इसके अनुसार खलीफा (धर्मगुरु) का पद समाप्त कर दिया गया इसे पुन: स्थापित करने के लिए भारतीय मुसलमानों ने आन्दोलन किया, यही खिलाफत आन्दोलन कहलाता है | गाँधी
जी का विश्वास था कि खिलाफत के प्रश्न पर राष्ट्रीय स्तर पर आन्दोलन किया जाये तो हिन्दू-मुसलमान एकता तो सुदृढ़ होगी
ही वहीं राष्ट्रीय आन्दोलन और सशक्त बनेगा। अत: गाँधी जी ने खिलाफत आन्दोलन का समर्थन किया।

(ङ) मोपला किसान आन्दोलन-केरल प्रांत के कुछ भागों में मोपला किसानों ने आन्दोलन किया । मोपला कैदियों को।
रेल वैगनों में दूंसकर एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया गया और दम घुटने से 67 मोपला किसानों की मृत्यु हो गई अंग्रेजों ने 45 हजार मोपला किसानों को बंदी बनाया।

(च) चौरा- चौरी काण्ड-5फरवरी सन 1992 को उत्तर प्रदेश के चौरा चौरी नामक पर यह घटना घटित हुई थी ।गाँधी जी द्वारा चलाये जा रहे असहयोग आंदोलन के समर्थन में यहाँ के लोगो ने भी एक शांति पूर्ण रेली का आयोजन किया।सभी प्रदर्शन करते हुए पाने की ओर से जा रहे थे तो अंग्रेज सिपाहियों ने उनका रास्ता रोका। प्रदर्शनकारियों और सिपाहिया के बीच विवाद बढ़ गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज कर दिया। इससे भड़के प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस के सिपाही जान बचाकर भागे और भी
को पाने में बंद कर लिया। उत्तेजित प्रदर्शनकारियों ने थाने के सभी दरवाजे बाहर से बंद कर दिये और थाने पर आग लगा दी। इस अग्निकाण्ड में अन्दर फैसे सारे सिपाही जलकर मर गए। गांधी जी को इसकी सूचना मिली तो उन्हें बहुत दुख हुआ।वे अपने आन्दोलनों में हिंसा नहीं चाहते थे, इसलिए 12 फरवरी को उन्होंने असहयोग आन्दोलन वापस ले लिया।

(छ) प्रतिज्ञा दिवस-दिसम्बर, 1929 के अंतिम सप्ताह में कांग्रेस का अधिवेशन लाहौर में हुआ। इस अधिवेशन में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने विशाल जन समूह की उपस्थिति में "राष्ट्रध्वज" फहराया ऒर पूर्ण स्वराज्य की प्राप्ति तक आंदोलन जारी रखने का प्रस्ताव पारित किया।सम्पूर्ण भारत वर्ष में 26 जनवरी सन् 1930 को प्रतिज्ञा दिवस मनाने का संकल्प लिया गया। प्रतिज्ञा दिवस के आयोजन ने देश को जनता में स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए नये उत्साह का संचार किया। देश के गांव-गाँव में इस दिन प्रतिज्ञा का दिवस का आयोजन किया गया। इस अधिवेशन को खास विशेषता यह भी रही कि आजादी की लड़ाई को जिम्मेदारी महात्मा गांधी को दी गई। पूरे देश का समर्थन महात्मा गाँधी को प्राप्त था।

(ज) जंगल सत्याग्रह-गाँधीजी द्वारा संचालित सविनय अवज्ञा आन्दोलन में छत्तीसगढ़ के जंगल सत्याग्रह का विशेष स्थान है यह आंदोलन पूरे छत्तीसगढ़ का व्यापक और दीर्घकालीन आंदोलन था इस आंदोलन में उल्लेखनीय बात यह रही थी कि इसमें शहरी नागरिकों की अपेक्षा ग्रामीणों और आदिवासियों ने विशेष उत्साह और साहस का प्रदर्शन किया इस आंदोलन का मुख्य कारण अंग्रेजी द्वारा आदिवासियों पर लगाए गए प्रतिबंध थे आदिवासी जंगलों पर अपना पुश्तैनी अधिकार मानते थे और अंग्रेजों ने उनका सारा अधिकार छीन लिया था इसी बात से असंतुष्ट होकर आदिवासियों ने जंगल सत्याग्रह चलाया था दुर्ग जिले का मोहबना जंगल सत्याग्रह शांतिपूर्ण एवं सफल रहा भंवरी गांव का सत्याग्रह जनसुनवाई को पारित किया आन्दोलन मा। इस आन्दोलन में उल्लेखनीय बात यह हो ।
इसमें शहरी नागरिकों की अपेक्षा ग्रामीणों और आदिवासियों विशेष उत्साह और साहस का प्रदर्शन किया।

(झ) रायपुर षड्यंत्र केस-छत्तीसगढ़ की माटी ने भी ऐसे क्रांतिवीरों को जन्म दिया जो अपना सर्वस्व माँ भारती (भारत) की
आजादी के लिए अर्पित करने को तत्पर थे। छत्तीसगढ़ के कांतिकारियों ने भी असेम्बली बम काण्ड करने की योजना बनाई।
उस समय रायपुर क्रांतिकारियों का गढ़ था। परशुराम सोनी, सुधीर मुखर्जी, मंगल मिस्त्री, सूरबंधु आदि ने अपने साथियों के साथ भिलकर बम, रिवाल्वर चलाना व बनाना सीख लिया और बनाए गए बम को असेम्बली में फेंकने की पूरी योजना बना ली। लेकिन इन क्रांतिकारियों को पकड़ लिया गया, क्योंकि उनमें से किसी ने
पुलिस की मुखबिरी को। पकड़े गए सभी क्रांतिकारियों पर रायपुर के अदालत में देशद्रोह और षड्यंत्र करने का मुकदमा चलाया गया। इस अभियोजन में 15 अभियुक्त और 71 गवाह थे। पुलिस ने
दबावपूर्वक गवाहों से क्रांतिकारियों के विरोध में गवाही दिलवाया।परिणामस्वरूप सभी को कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। यह घटना रायपुर षड्यंत्र केस' के नाम से जाना जाता है।
(ब) धारा-144 (1) सामाजिक शांति व सुशासन बनाने के लिए यह धारा लागू किया जाता है।
(2) धारा-144 लगने पर सभा, सम्मेलन या समूह में एकत्रित होने पर प्रतिबंध रहता है।
(3) पुलिस की अनुमति के बिना अत्यावश्यक परिस्थिति में घर से बाहर नहीं निकला जा सकता है।
(ट) 1947 का अधिनियम-(1) इस अधिनियम को भारतीय स्वाधीनता अधिनियम कहा जाता है।
(2) इस अधिनियम के पारित होने से भारत अंग्रेजों के बंधन से हमेशा के लिए मुक्त हो गये।
(3) इस अधिनियम से भारत-पाकिस्तान और भारत नामक दो राज्यों में बँट गया।
(ठ)1919 का अधिनियम-(1) इस अधिनियम को रोलेट एक्ट के नाम से जाना जाता है।
(2) इस कानून को काला कानून भी कहा जाता है।
(3) इसका उद्देश्य राष्ट्रीय आन्दोलन को दबाना था।

प्रश्न 8. इन घटनाओं का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए--
(1) महात्मा गांधी का भारतीय राजनीति में प्रवेश
(2) रोलेट एक्ट
(3) मकई चौक धमतरी में गाँधी जी
(4) जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड।
उत्तर-(1) महात्मा गांधी का भारतीय राजनीति में प्रवेश-गाँधी जी का भारतीय राजनीति में प्रवेश को, भारतीय इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना कहा जा सकती है। सन् 1920 से पीजो ने राष्ट्रीय आन्दोलनों का नेतृत्व करया प्रारंभ किया। उसको नेतृत्व शैली र आन्दोलनों को नई पद्धति ने राष्ट्रीय आन्दोलनको अधिक व्यापक बनाया। इससे स्वाधीनता संघर्ष में एक नये अध्याय को शुरुआत हुई। भारतीय राजनीति में उसका पदार्पण प्रथम महायुद्ध के समय
हुआ। उन्होंने अपने व्यावहारिक अनुभवों से प्राप्त अहिंसा और सत्याग्रह की देश को आजादी का बहाव बना दिया। दुर्बल शरीर
वाले इस पर विश्वचो को भारतीय जनता का इतना समर्थन और सहयोग प्राप्त हुआ कि गोरी सरकार को अंतत: भारत छोड़कर
जाना पड़ा।

(द) रोलेट एका-भारतीय जनता में उभरती राष्ट्रीयता को भावना के दबाने के लिए तथा राष्ट्रीय आन्दोलन पर अपना नियंत्रण
रखने के लिए अंग्रेजी सरकार ने सन् 1919 को एक नया कानून बचाया, जिसे रोलेट एका का नाम दिया गया। इस कानून के तहत यह व्यवस्था दी गई कि भारतीयों को बिना किसी सूचना अथवा आरोप सिद्ध हुए अथवा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किये बिना ही जेल में बंद किया जा सकता है। यह कानून मानव अधिकार के प्रतिकूल था। सभी को यह अधिकार होता है कि उसे किस आरोप में गिरफ्तार किया जा रहा है इसको जानकारी उसे दो जाय तथा उसे अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखने का अवसर दिया जाय। किन्तु इस कानून के अनुसार तो किसी को भी, कभी भी
और कहीं भी बंदी बनाया जा सकता था। इसलिए इस कानून को 'काला कानून' कहा गया और इसके विरोध में देशव्यापी आन्दोलन प्रारंभ हो गया।

(३) मकई चौक धमतरी में गांधी जी-20 दिसम्बर, सन् 1920 को गांधी जी का आगमन मकई चौक धमतरी में हुआ था।
गांधी जी के भाषण के लिए भव्य मंच तैयार किया गया था। उनके दर्शन तथा ऐतिहासिक भाषण को सुनने के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। गांधी जी जब कार से उतरे तो उन्हें मंच तक पहुंचना कठिन
हो गया। लोग उनके दर्शन के लिए व्याकुल और अधीर हो गए।गाँधी जी ने सबका अभिवादन किया। ग्राम गुरूर के व्यापारी उमर सेठ ने तो गाँधी जी को अपने कंधों पर उठा लिया और मंच तक पहुँचाकर ही रुका। छत्तीसगढ़ के लोगों ने गांधी जी को हृदय में
स्थान दिया। जब गाँधी जी सुसज्जित मंच पर भाषण देने को आए तो 'महात्मा गाँधी की जय' के नारे से आसमान गुंजने लगा था।उनके ओजस्वी भाषण ने छत्तीसगढ़ में आजादी का मंत्र फेंक दिया। यहाँ उपस्थित महिलाओं ने पार्टी फण्ड के लिए अपने
गहने उतार कर गाँधी जी को दे दी।

(4) जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड-13 अप्रैल, सन् 1919 को रोलेट एक्ट के विरोध व राष्ट्रवादी नेता सत्यपाल और डॉ. सेफुद्दीन किचलू की गिरफ्तारी के विरोध में पंजाब के
अमृतसर के जलियाँवाला बाग में एक आमसभा आयोजित की गई। यह बाग तीन ओर से ऊँची दीवारों से घिरा था और एक मात्र छोटी गली में आने-जाने का रास्ता था। इस सभा में बच्चे, युवक,वृद्ध पुरुष व महिलाएँ हजारों की संख्या में उपस्थित थे। तभी जनरल डायर ने बिना किसी पूर्व सूचना के अपने सशस्त्र सैनिकों
को गोली चलाने की आज्ञा दी। इस गोली काण्ड में सैकड़ों निर्दोष लोगों की जानें गईं और हजारों की संख्या में लोग हताहत हो गए।
इस निर्मम हत्याकाण्ड ने सम्पूर्ण भारत को झकझोर कर रख दिया। देश भर में इसके विरोध में सभाएँ हुईं। सभी प्रमुख राजनेताओं ने इस घृणित कृत्य की घोर निंदा की। गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर ने
'सर' की उपाधि वापस कर दी। जलियाँवाला बाग के इस नरसंहार में पूरे देश में आजादी की आग को भड़का दिया।

परीक्षोपयोगी अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनिए-
1. भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का प्रथम अधिवेशन हुआ
था-
(अ) लाहौर
(ब) बम्बई में
(स) दिल्ली में
(द) इलाहाबाद में।
उत्तर ब

2. भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के प्रथम अध्यक्ष थे-
(अ) व्योमेश चन्द्र बनर्जी
(ब) सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
(स) गोपाल कृष्ण गोखले
(द) बाल गंगाधर तिलक।
उत्तर अ

3. "स्वराज्य मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और इसे मैं प्राप्त करके ही रहूँगा।” यह नारा किसने बुलन्द किया था-
(अ) गोपाल कृष्ण गोखले
(ब) सुभाष चन्द्र बोस
(स) बाल गंगाधर तिलक
(द) दादा भाई नौरोजी।
उत्तर - स

4. बंगाल का विभाजन करने वाला गवर्नर जनरल था-
(अ) लॉर्ड डफरिन
(ब) लॉर्ड कर्जन
(स) लॉर्ड रिपन
(द) लॉर्ड डलहौजी।
उत्तर ब

5. भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना की थी-
(अ) लाला लाजपत राय ने
(ब) दादा भाई नौरोजी ने
(स) व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने
(द) ए. ओ.ह्यूम ने।
उत्तर स

6. भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का प्रथम अधिवेशन हुआ
था-
(अ) सन् 1885 में
(ब) सन् 1886 में
(स) सन् 1887 में
(द) सन् 1888 में।
उतर अ

7. स्वदेशी आन्दोलन की शुरुआत की थी-
(अ) गाँधी जी ने
(ब) सुभाषचन्द्र बोस ने.
(स) बाल गंगाधर तिलक ने
(द) लाल लाजपत राय ने।
उत्तर अ

8...............में कलकत्ता में ब्रिटिश इंडियन एसोसिएसन की स्थापना हुई-
(अ) 1852
(ब) 1853
(स) 1854
(द) 1851
उत्तर- द

9.नरम दल के नेता हैं-
(अ) सुरेन्द्र नाथ बेनर्जी
(ब) गोपालकृष्ण गोखले
(स) फिरोजशाह मेहता
(द) ये सभीैै
उत्तर- द

10.गरम दल के नेता हैं-
(अ) मैडम भीखाजी कामा
(ब) लालालाजपत राय
(स) श्यामजी कृष्ण वर्मा
(द) ये सभी
उत्तर- ब

11.सन् 1911 में कलकत्ता के स्थान पर ...................को भारत की राजधानी बना दिया गया।
(अ) मुम्बई
(ब) चेन्नई
(स) दिल्ली
(द) ये सभी
उत्तर- स

12.सन् ................. से राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व महात्मागांधी ने किया-
(अ) 1919
(ब) 1920
(स) 1921
(द) 1922
उत्तर- ब

13.रोलेक्ट एक्ट के विरूद्ध....................आंदोलन ने पंजाब में उग्र रूप धारण किया।
(अ) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
(ब) क्रांतिकारी आंदोलन
(स) सत्याग्रह आंदोलन
(द) इनमें से कोई नही
उत्तर- स

14.वाराणसी में ..............जैसी राष्ट्रीय शिक्षण संस्थाएं स्थापित की गई।
(अ) काशी विद्यापीठ
(ब) रोलेक्ट एक्ट
(स) जैामिया मिलिया
(द) ये सभी
उत्तर- अ

15.अंग्रेज सरकार ने ...............में रोलेक्ट एक्ट नामक नया कानून बनाया।
(अ) 1921
(ब) 1919
(स) 1920
(द) 1918 
उत्तर-ब

16. राष्ट्रीय भावना के बल देने के लिए भारत के किस महापुरूश ने ‘‘गणेश उत्सव’’ जैसे धार्मिक त्यौहारो को सार्वजनिक रूप से एकजुट हो कर मनाने का -
अ. लोकमान्य तिलक
ब.महात्मा गांधी
स.रवीन्द्रनाथ टैगोर
द.विपिन्द्र चन्द्र पाल
उत्तर - अ

17. वन्दे मातरम के द्वारा भारतीयो को मन में मातृभुमि के प्रति पे्रम श्रद्धा की भावना किसने जागृत की?
अ. लेाकमान्य तिलक
ब.महात्मा गांधी
स.रवीन्द्रनाथ टैगोर
द.बकिम चंद्र चटृोपाध्याय
उत्तर- द

18. ‘‘स्वराज मेरा जन्म सिद्धअधिकार है और हम लेकर रहेगें’’ इस नारे से जनता  मंे किस भावना का विकास हुआ?
अ.राश्ट्रभूमि के प्रति प्रेम
ब. विदेषी बहिश्कार
स.राश्ट्रीयता की भावना
द. राश्ट्रीय एकीकरण
उत्तर सभी

19. किस घटना को राश्ट्रवादी की बड़ी विजय के रूप में देखा गया-
अ.बंगाल का विभाजन
ब.1911 में विभाजन को रद् करना स.हिन्दु-मुस्लमान की एकता
द. कांग्रेस की स्थापना
उत्तर- स

20.1905 में बंगाल के विभाजन का कारण था-
अ.हिन्दुओ एवं मुसलमानो में फूट डालना
ब. कांग्रेस की मांगो पर विचार किया
स.सुचारू रूप से प्रषासन करना
द.ब्रिटिष की आर्थिक नीति
उत्तर - अ

21. बंगाल विभाजन को किस दिवस के रूप में मनाया गया-
अ.काला दिवस
ब.शोक दिवस
स.जोश दिवस
द.शिक्षक दिवस
उत्तर-ब

22.देश प्रेम की भावना के विस्तार हेतु छ.ग. मित्र व हिन्द केसरी किसके उदाहरण है-
अ.रेडियो प्रसारित कार्यक्रम
ब. समाचार पत्र
स.नाटक का नाम
द. किसी व्यक्ति का नाम 
उत्तर-ब

23.राष्ट्रीय कांग्रेस में युवाओ व महिलाओं की सहभागिता बड़ी संख्या में होने के कारण -
अ.अच्छेभाषण
ब.लोकप्रिय नेता
स.राष्ट्रीय भावना
द.भारत भ्रमण
उत्तर-स

24.गांधी जी द्वारा साबरमती आश्रम से दांडी की ओर यात्रा किस वस्तु को कर से मुक्त कराने के साथ शुरू की गई-
अ.तेल
ब.नील
स.नमक
द.चावल
उत्तर-ब

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