पाठ 2
प्रेरणा के पुष्प
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पाठ का सारांश
भगवान बुद्ध ने इस संसार को दुःखमय बताया है। इस दुःखमय संसार को सुखमय बनाने के लिए सर्वोत्तम उपाय है कि हम अपनी शक्ति के अनुसार संसार में सुख बांटे। ऐसे कार्य करें जिससे अधिक -से -अधिक जरूरतमंद, पीड़ित ,बीमार एवं असहाय लोगों को सुख एवं प्रसन्नता मिले। हमें परमार्थ के लिए निःस्वार्थ भावना से कार्य करना चाहिए इस पाठ में परमार्थ की भावना से किए गए कार्यों का संक्षिप्त उल्लेख है।
शब्दार्थ-:
अमराई = आम का बगीचा।
बुजुर्ग=वृध्द , बूढ़ा।
फायदा=लाभ।
अनुकरणीय=अपनाने योग्य।
डॉलर=अमेरिका का मुद्रा।
जनसाधारण= आम जनता।
सन्यासी= साधु ,संत,ऋषि।
कुटिया= झोपड़ी।
औषधि=दवाई।
नाती-पोता = बेटे या बेटी की बेटा।
नातिन-पोती=बेटे या बेटी की बेटी ।
उपकार=भलाई।
रकम=पैसा ,धन ,राशि।
प्लेग=चूहे से फैलने वाला रोग।
असहनीय=सहन न होने वाली।
यत्र-तत्र =यहा-वहा
डोम= भारत वर्ष की एक अनुसूचित जाति ,शमशान में चिता जलाने वाला।
👉अभ्यास 👈
प्रश्न1. बुजुर्ग को परिश्रम करता देखकर उनसे नौजवान के क्या सवाल थे?
उत्तर= बुजुर्ग को परिश्रम करते देखकर नौजवान ने पूछा " बाबा यह क्या कर रहे हो?
प्रश्न2. रेल से सफर करती बुजुर्ग महिला मुट्ठी से बाहर क्या बिखेर रही थी और क्यों?
उत्तर= रेल से सफर करती बुजुर्ग महिला मुट्ठी से बाहर सुंदर,फूल और फलों के बीज बिखेर रही थी क्योंकि इनमे से कुछ भी अगर जड़ पकड़ ले अगर तो लोगो को इनसे कुछ फायदा होगा।
प्रश्न3.अमरीकी वैज्ञानिक फ़्रेंकलिन बेंजामिन के बारे में अनुकरणीय बाते क्या सुनी जाती है ?
उत्तर:- अमरीकी वैज्ञानिक फ्रेकलिन बेजामिन के बारे में अनुकरणीय बात यह सुनी जाती है की एक बार उन्होंने एक गरीब विद्यार्थी की बीस डॉलर देकर मदत की थी और वे भूल गए थे परंतु विद्यार्थी इस उपकार को नहीं भुला था और दिन फिरने पर अर्थात विद्यार्थी के अच्छे दिन आने उन्होंने उस बीस डॉलर को लौटाने फ्रैकलिन के पास आया तो फ्रेकलीन ने कहा कि मुझे याद तो नही की मैने यह रकम कब दी थी खैर आप इसे अपने पास ही रखिए और आपके पास ऐसा कोई जरूरत्मंद आए तो उसे यह दे दीजिए ,, उस व्यक्ति ने ऐसा ही किया कहते है आज भी वह रकम अमेरिका में जरुरतमंदो के हाथो में घूम रही है।
प्रश्न 4. महाप्राण विवेकानंद क्यों अस्थिर चित्त गए ?
उत्तर:- कोलकाता में प्लेग व्यापक रूप से फैल गया है प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो रही है। यह दुःखद समाचार सुनकर महाप्राण विवेकानंद अस्थिर हो गए।
प्रश्न 5. विवेकानंद ने सन्यासी जीवन के बारे में क्या बताया?
उत्तर- विवेकानंद ने सन्यासी जीवन के बड़ा में बताया की सन्यासी आवश्यकता पड़ने पर मठ में न रहकर वृक्षों के नीचे रहेंगे तथा भिक्षा द्वारा प्राप्त अन्नऔर उनके लिए पर्याप्त होगा।
प्रश्न6.अपने काम से विवेकानंद स्वदेशवासियो को क्या _क्या शिक्षा देने लगे ?
उत्तर:- अपने काम से विवेकानंद स्वदेशवासियो को यह शिक्षा देने लगे कि नर को नारायण मान सेवा करे तथा जातिगत आधार पर ऊंच-नीच की भावना न रखे,जातिगत घृणा न करे तथा मानव धर्म को सर्वोपरि मानकर आलिंगन करे।
प्रश्न 7 . प्लेग पीड़ितों की सहायता के लिए विवेकानन्द ने क्या- क्या किया ?
उत्तर:- प्लेग पीड़ितों की सहायता के लिए स्वामी विवेकानन्द जी ने एक जमीन किराए पर ली और वह पर कुटिया का निर्माण की गई । जाती , वर्ण - विचार छोड़, असहाय प्लेग की मरीजो को वहा पर लाकर कार्य करता गण सेवा- कार्य में रत हुए । स्वामी जी भी स्वयं सेवा कार्य करने लगे। शहर की गंदगी साफ करने में , औषधियों का वितरण करने में सभी कार्यकर्तागण सच्चे मन से लग गए। यह सब स्वामी जी के कारण हुआ ।
*पाठ से आगे*
प्रश्न1. आपके आस पास ऐसे बहुत से लोग होंगे जो दूसरों की सेवा के लिए बार - बार प्रयास करते है ऐसे लोग के बारे में पता कर लिखिऐ।
उत्तर :- हमारे आस - पास ऐसे बहुत से लोग दिखते है जो दूसरों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते है वे निः स्वार्थभाव से दूसरों के लिए अपना जीवन अर्पित करते है बच्चा स्वयं पता करे ऐसे लोगो के बारे में की आपके गांव या मुहल्ले में यदि ऐसा कोई व्यक्ति है जो सामाजिक कार्य , स्वच्छता, बागवानी या अन्य कोई भी कार्य जो वे दूसरों के लिए करते है ।
प्रश्न2 . पाठ के शीर्षक '' प्रेरणा के पुष्प '' रखा गया है ?
इस पाठ को पढ़ने से आपको क्या अनुभूति हुई दस पंक्तियों में लिखने का प्रयास कीजिये ।
उत्तर:- पाठ का शीर्षक ' प्रेरणा के पुष्प' रखा गया है। इस पाठ को पढ़ने से हमे निम्नलिखित अनुभूति हुई __
1. हमे दुसरो की भलाई के लिए कुछ कार्य करना चाहिए
2. सफर में जाते वक्त फूलों और फलों के बीज ले जाने की प्रेरणा मिली।
3. रोगी के लिए सेवा- भावना की अनुभूति हुई ।
4. जरूरतमंद लोगों की मदद करने की प्रेरणा मिली।
5. नेकी कर दरिया में डाल 'की अनुकरणीय बातें बेंजामिन से मिली ।
6. नर को नारायण मान अर्थात मानव धर्म सर्वोपरि की अनुभूति हुई ।
7. वृक्षारोपण करने की प्रेरणा मिली ।
8. स्वार्थ की भावना त्याग करने की प्रेरणा मिली।
9. जातिगत के आधार पर भेदभाव करने की प्रेरणा मिली ।
10. दुसरो के कष्ट में सेवा एवं सहायता करने की प्रेरणा मिली।
प्रश्न 3. बुजुर्ग व्यक्ति अपनी आने वाली पीढ़ी के प्रति कितने संवेदशील होते है इस पाठ से पता चलता है । आपके आस- पास के बुजुर्ग क्या चाहते है ? इस पर उनसे बातचीत कर उन्हें संछेप में लिखिऐ ।
उत्तर:- हमारे आस - पास के बुजुर्ग भी संवेदनशील है वे यह भी सोचते है कि यदि आज हम कुछ पेड़ लगाएंगे तो हमारी आने वाली पीढ़ी को उसका लाभ मिलेगा । हमारे आस - पास के बुजुर्ग यह चाहते है कि बच्चे उनके साथ कुछ पल व्यतीत करें ।
प्रश्न4 . किसी बुजुर्ग व्यक्ति के प्रति हम नई पीढ़ी के लोंगो का क्या कर्तव्य होना चाहिए ?
उत्तर :- किसी बुजुर्ग व्यक्ति के प्रति हम नई पीढ़ी के लोंगो का यह कर्तव्य है कि बुजुर्ग व्यक्ति के प्रति आदर भाव रखे उनका सम्मान करें जरूरत पड़ने पर उनका सहायता करें बुजुर्ग अनुभवों का भंडार होता है उनकी सिख से बच्चो को ज्ञान प्राप्त होता है उनके पास बैठकर कुछ समय बिताये उनके जीवन के अनुभव सुने उनकी बातों का आदर करे और उनसे नैतिक शिक्षा ले अपने जीवन मे अनुकरण करे ।
प्रश्न 5. पाठ में जाति सूचक शब्द का प्रयोग देखने को मिलता है क्या आपको लगता है कि कही से भी , ऐसे प्रयोग मानवीय समानता या किसी सभ्य समाज का बोध करते है । आपस मे विचार कर लिखिऐ।
उत्तर:- पाठ में ' जातिसूचक' शब्द का प्रयोग मिलता है जो सभ्य समाज या मानवीय समानता का बोध नही करते मानव धर्म सर्वोपरि है आज समाज सभ्य और शिक्षित होते हुए भी इस प्रकार का व्यहार करे तो अशोभनीय है व्यक्ति जन्म से नही कर्म से बड़ा होता है । जातिसूचक शब्दो से पूर्व प्रत्येक व्यक्ति को व्यक्ति मन्ना धर्म है और उनसे समानतापूर्ण व्यवहार करना चाहिए ।
भाषा से
प्रश्न1 पाठ में 'सहयात्री' शब्द का अर्थ है साथ-साथ यात्रा करने वाला , इस शब्द का निर्माण ' यात्री' में 'सह 'शब्द को जोड़कर बनाया गया है इसी तरह से आप 'सह' शब्द को जोड़कर कुछ अन्य शब्दो का निर्माण कीजिये ।
उत्तर:- 1 सहपाठी, 2 सहयोग, 3 सहचर, 4 सहकर्मी , 5 सहकारी।
प्रश्न2. पाठ में सफेद बाल , वृध्द महिला,सुंदर फूल, गरीब विद्यार्थी,अनुकरणीय व्यक्ति, असहनीय दुख, असहाय मरीज आदि शब्द विशेषण और विशेष्य के उदाहरण है इसमें से विशेष्य और विशेषण को पहचान कर लिखिऐ और पाठ में प्रयुक्त हुए ऐसे ही शब्द प्रयोग को खोजकर लिखिऐ।
उत्तर-- विशेषण - विशेष्य
सफेद - बाल
वृध्द - महिला
सुंदर - फूल
अनुकरणी - व्यक्ति
असहनीय - दुःख
असहाय - मरीज
गरीब - विद्यार्थी
पाठ में प्रयुक्त ऐसे ही शब्दों की सूची में_____
बूढ़ा - आदमी
कठिन - श्रम
दुःखद - समाचार
कठोर - नियम
बड़ी - सी - जमीन
ऊंची - जाति।
प्रश्न3. पाठ में इस तरह के प्रयोग आप देख सकते है जिनके बाल ,उस बुज़ुर्ग ,इस उम्र ,इस उम्मीद,इस रास्ते , यह छोटी रकम ,रेखांकित शब्दो को हम सार्वनामिक विशेषण कहते है अर्थात यह पर सर्वनाम शब्द संज्ञा या सर्वनाम के संकेत या निर्देश के रूप में आये है अतः सार्वनामिक विशेषण के उदाहरण है । पाठ से इस प्रकार के उदाहरण ढूंढ कर लिखिऐ।
उत्तर:- जिन्हें , इसके , तुम्हारे , उसके, आपके , उन्हें, उनके, अपने , उन्होंने , उससे।
योग्यता-विस्तार
1. बुजुर्गों को किस प्रकार की उपेक्षा और अपमान ,आज हमारे समाज मे सहन पड़ता है और क्यो? इस विषय पर विद्यालय स्तर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन कीजिए ।
2 .विवेकानंद के जीवन और उनके कार्यो के बारे में पुस्तकालय से उनकी जीवनी अथवा जीवन के कुछ प्रसंगों को खोजकर पढ़िए और साथियों के साथ चर्चा कीजिए।
टीप. -
योग्यता विस्तार के सभी प्रश्नो को छात्र स्वयं हल कीजिए
★★★★★★★★★★★★★★★★★











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